कई घरों को खाली कराया
नदी किनारे के दर्जनभर घरों को खाली करा दिया गया है, जिससे कोई जनहानि न हो सके। चाऊल सिंह एवं कमल सिंह के घर नदी में समा गए हैं। योगेंद्र सिंह, विजय सिंह, प्रवेन्द्र सिंह, बबलू सिंह, अतेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह के घरों पर भी खतरा मंडरा रहा है। इन घरों को खाली कराया गया। बाढ़ खंड के जेई पंकज कुमार एवं एई पुनीत कुमार सुबह दस बजे श्रमिकों के साथ गांव पहुंच गए। उन्होंने पेड़ों की टहनियों को काटकर प्लास्टिक की रस्सी से बांधकर नदी के किनारों पर लगा दिया है।
मीरगंज की उपजिलाधिकारी तृप्ति गुप्ता ने बताया कि इस समय नदी का बहाव तेज है। कटान रोकने का स्थाई समाधान नहीं किया जा सकता, फिर भी बाढ़ खंड के अधिकारी मौके पर पेड़ों की टहनियों को काटकर नदी किनारे लगाकर कटान रोकने का प्रयास कर रहे हैं। जिलाधिकारी बरेली को करनपुर गांव में कटान को रोकने के लिए पत्र भेजा गया है। नदी में पानी कम होने पर कटान रोकने का स्थायी समाधान किया जाएगा।
सड़कों पर पहुंचा पानी, आवागमन बंद
फतेहगंज पूर्वी कस्बे से दातागंज होते हुए बदायूं, मथुरा, आगरा को जाने वाली सड़क पर मानपुर त्रलोक गांव के पास रामगंगा नदी में बाढ़ आने की वजह से सड़कों पर पानी आ गया है। इसके कारण सोमवार से ही यहां से निकलने वाले यातायात को बंद कर दिया गया। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों का आवागमन बंदकर फरीदपुर से बुखारा मार्ग से वाहनों को डायवर्ट कर दिया है। रातभर तेज रफ्तार से पानी बहने से पुलिया के पास की मिट्टी भी कटने लगी।
मंगलवार को उपजिलाधिकारी फरीदपुर गुलाब चंद्र अग्रहरि ने मानपुर त्रलोक पहुंचकर निरीक्षण किया। बाढ़ चौकी कर्मियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। वहीं, जेसीबी मशीन द्वारा पुलिया के पाइपों में फंसी हुई जलकुंभी घास को भी निकलवाया गया, जिससे पानी सड़क पर न बहे, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज है कि पाइपों से नहीं निकलकर सड़क के ऊपर से पानी का बहाव था।