फर्जी आईएएस बनकर लोगों को ठगने की आरोपी बहनों विप्रा शर्मा और दीक्षा शर्मा के खिलाफ नौकरी के नाम पर पांच लाख रुपये की ठगी के मामले में बारादरी थाने में एक और रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सुभाषनगर थाना क्षेत्र के नेकपुर निवासी प्रशांत पाल ने इंस्पेक्टर बारादरी विजेंद्र सिंह को बताया कि मार्च 2023 में उनकी मुलाकात विप्रा और दीक्षा से हुई थी। दीक्षा ने कहा कि उसकी बहन आईएएस अधिकारी है। वह उसकी सरकारी नौकरी लगवा सकती है। झांसे में आकर उसने विप्रा से नौकरी की बात की तो उसने पांच लाख रुपये खर्च बताया। इसके बाद उसने ऑनलाइन और नकद पांच लाख रुपये दोनों बहनों को दे दिए।
विश्वास दिलाने के लिए शातिर बहनों ने उसको डाक के जरिये फर्जी ज्वाॅइनिंग लेटर भी भेज दिया। प्रशांत के मुताबिक, बाद में उसे ठगी का अहसास हुआ। रुपये वापस मांगने पर दोनों बहनें टालमटोल करने लगीं। इंस्पेक्टर ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
काफी समय से रैकेट चला रही थीं बहनें
बारादरी पुलिस ने पिछले दिनों इस रैकेट का खुलासा करते हुए ग्रेटर ग्रीन पार्क निवासी सगी बहनों विप्रा और दीक्षा समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से 4.5 लाख रुपये नकद, उत्तर प्रदेश सरकार लिखी लग्जरी कार, चार मोबाइल फोन और चेक बुक बरामद किए गए। उनके बैंक खातों में जमा 55 लाख रुपये भी फ्रीज किए गए थे।