फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: इनामी सूर्यकांत मौर्य और एजेंटों पर एक और रिपोर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं में कई मामले पहले से दर्ज, दो जिलों की पुलिस चार महीने में नहीं कर रही तलाश, 50-50 हजार रुपये के इनामी हैं दोनों भाई, भाजपा का पूर्व महानगर उपाध्यक्ष था सूर्यकांत
विज्ञापन

बरेली। अमर ज्योति कंपनी लिमिटेड के प्रबंधक भाजपा के पूर्व महानगर उपाध्यक्ष सूर्यकांत मौर्य और उसके एजेंटों पर एसएसपी के आदेश पर बारादरी थाने में धोखाधड़ी की एक और रिपोर्ट दर्ज की गई है। सूर्यकांत व उसके भाई शशिकांत पर बदायूं में कई मामले पहले से दर्ज हैं, दोनों पर डीआईजी ने 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। दो जिले की पुलिस चार महीने बाद भी आरोपियों को पकड़ नहीं पाई है।
सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि पोपराम गंगवार, बूटा सिंह, अजमेर सिंह, पूजा, शशिबाला आदि ने एसएसपी अनुराग आर्य से शिकायत की थी कि अमर ज्योति कंपनी लिमिटेड और अमर ज्योति रुहेलखंड लिमिटेड का प्रबंधक भाजपा के पूर्व महानगर उपाध्यक्ष सूर्यकांत मौर्य, एजेंट अनुराग मौर्य, देवेंद्र मौर्य, दीपक मौर्य और आशीष पटेल ने कंपनी में लोगों के खाते खुलवाए। झांसे में लेकर कंपनी की विभिन्न स्कीमों में निवेश कराया।
विज्ञापन

मुनाफे के साथ रुपये लौटाने का वादा किया गया। जब कंपनी में बड़ा निवेश हो गया तो सूर्यकांत और उसके साथियों के मन में खोट आ गया। रुपये हड़पकर कंपनी के दफ्तरों में ताला डालकर सूर्यकांत और उसके एजेंट भाग गए। बारादरी थाने में मामला दर्ज होने के बाद सूर्यकांत की तलाश शुरू कर दी गई है।
-
सफेदपोशों की शरण में ठग बंधु
ठगी कर फरार हुए सूर्यकांत मौर्य और शशिकांत मौर्य के खिलाफ बदायूं में धोखाधड़ी और ठगी के कई मुकदमे दर्ज किए गए थे। इसके बाद बरेली में भी लगातार मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। बावजूद इनमें से किसी की गिरफ्तारी दोनों जिलों की पुलिस नहीं कर सकी है। मुख्य आरोपी दोनों भाई सूर्यकांत व शशिकांत के साथ ही कई भाई, भतीजे, भांजा भी ठगी के धंधे में नामजद हैं। निवेशकों का आरोप है कि आरोपियों को अब भी राजनैतिक संरक्षण मिल रहा है, इसकी वजह से गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है। इसीलिए दोनों आरोपियों की संपत्ति भी चिह्नित नहीं हो पाई है। वहीं ठगी के शिकार लोग रकम मिलने की आस में भटक रहे हैं।
-
एडीजी बढ़ा सकते हैं इनाम की रकम
मुकदमों में वांछित होने के कारण पहले बदायूं एसएसपी ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद डीआईजी ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये इनाम घोषित कर दिया। अब इन पर इनाम की राशि बढ़ाई जा सकती है। एडीजी के स्तर से दोनों को एक-एक लाख रुपये का इनामी घोषित करने की तैयारी चल रही है। साथ ही बरेली और बदायूं के एसएसपी इनके अन्य परिजनों पर इनाम घोषित कर सकते हैं। ब्यूरो

- सूर्यकांत मौर्य व उसके एजेंटों पर बारादरी थाने में एक और रिपोर्ट दर्ज की गई है। गबन का मुख्य मामला बदायूं जिले में दर्ज है, लेकिन बरेली में भी धोखाधड़ी की शिकायतें मिलने पर कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी। - पंकज श्रीवास्तव, सीओ तृतीय बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें