फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: कन्हैया गुलाटी ने बिट क्वाइन में निवेश कराकर लाखों रुपये हड़पे, आठवीं पास गुर्गे ने बनाई अकूत संपत्ति

Thu, 25 Dec 2025 01:50 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोपी कन्हैया गुलाटी पर एक और रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसमें गुलाटी का आठवीं पास गुर्गा भी नामजद है। पीड़ित युवक का आरोप है कि आरोपियों ने बिट क्वाइन में निवेश कराकर उससे 5.16 लाख रुपये ठगे लिए थे। 
विज्ञापन
कन्हैया गुलाटी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली में कैनविज कंपनी के मालिक कन्हैया लाल गुलाटी और उसके गुर्गे आठवीं पास 'डॉक्टर' ने एक युवक से बिट क्वाइन में निवेश के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लिए। ठगी के रुपये से बिट क्वाइन खरीदकर बेच डाले और अकूत संपत्ति बना ली। ठगी में गुलाटी का साला आशीष महाजन भी शामिल था। एसएसपी के आदेश पर निवेशक ने बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

विज्ञापन


नवादा शेखान निवासी फैजल ने एसएसपी अनुराग आर्य को बताया कि वह अपनी रिश्तेदार आलमआरा के यहां जाता था। वहां किरायेदार यासीन से मुलाकात हुई। यासीन कन्हैया गुलाटी का खास गुर्गा है जो अपने नाम के आगे डॉक्टर लगाता है। फैजल का दावा है कि यासीन केवल आठवीं पास है। यासीन ने ही फैजल को कन्हैया गुलाटी और उसके साले आशीष महाजन से मिलवाया। 

यह भी पढ़ें- मौत का शॉर्टकट: एक किमी का फेर बचाने में चली गई पांच लोगों की जान, दिल झकझोर देगी शाहजहांपुर हादसे की कहानी
विज्ञापन


तीनों ने उन्हें बताया कि 24,000 रुपये के हिसाब से बिट क्वाइन की 10 आईडी लेनी होंगी। इसके बदले पांच माह बाद छठे से दसवें महीने तक पांच लाख रुपये किस्तों में मिलेंगे। बिट क्वाइन की कीमत बढ़ने पर दस लाख रुपये तक देने का सपना दिखाया। दूसरी स्कीम 36,000 रुपये निवेश करने की बताई।

फैजल ने वर्ष 2018 में 5,16,000 रुपये कैनविज कंपनी में जमा कर दिए। छठे महीने जब रुपये नहीं आए तो यासीन, आशीष और कन्हैया गुलाटी से संपर्क किया। तीनों ने उन्हें बताया कि कंपनी को नुकसान हो गया है। ठगों ने दिसंबर 2023 की तारीखें डालकर तीन चेक दिए जो खाता बंद होने के कारण बाउंस हो गए। जब रुपये मांगे तो कन्हैया, आशीष और यासीन टालमटोल करने लगे। एसएसपी के आदेश पर बारादरी थाने में तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

कन्हैया की छत्रछाया में लोगों को ठगते रहे गुर्गे
कन्हैया ने शहर में परिहार और वॉरियर नाम की टीमें बनाईं। इन टीमों को कन्हैया के खास गुर्गे प्रमोद परिहार और जगतपाल मौर्य चलाते थे। आशीष महाजन बिट क्वाइन का झांसा देकर ठगी करता था। इन सभी को गुलाटी ने दफ्तर खोलकर दिए थे। जो जितने अधिक निवेशकों को झांसा देकर लाता था, उसे उतना माल मिलता था। 

इस वजह से गुलाटी के खास गुर्गों ने करोड़ों की संपत्ति बना ली। यासीन भी गुलाटी का खास चेला है। बताया जा रहा है कि कैनविज से जुड़ने के बाद उसने फर्श से अर्श तक का सफर तय किया और करोड़ों रुपये कीमत के मकान बना लिए हैं। महानगर और फाइक एन्क्लेव टू में यासीन के मकान हैं। गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद एसआईटी गुलाटी के गुर्गों की संपत्ति भी सील कर सकती है।
 

संपत्ति बेची, सुनियोजित ढंग से ठिकाने लगाई रकम
सूत्रों के मुताबिक, कन्हैया गुलाटी ने करीब दो हजार करोड़ रुपये की ठगी की है। ठगी के समय गुलाटी को पता था कि उसे यह रकम लौटानी नहीं है। इसलिए उसने ठगी की रकम को सुनियोजित तरीके से दूसरे राज्यों और विदेश में निवेश कर दिया। शहर स्थित अपना घर व स्कूल का भवन आदि खामोशी से बेच दिया। 

गुलाटी के दफ्तर किराये के भवन में थे, जहां से काफी सामान वह पहले ही समेट ले गया। अब एसआईटी कैनविज कंपनी की संपत्तियां तलाश रही है। पुलिस का प्रयास है कि गुलाटी परिवार और गैंग पर बड़ी कार्रवाई कर उसे नजीर बनाया जाए। पूरा नेटवर्क पकड़ में आने के बाद इनकी संपत्ति चिह्नित की जाएगी। हालांकि निवेशकों की रकम उन्हें वापस मिलना बेहद चुनौतीपूर्ण है।
विज्ञापन

19वीं नई रिपोर्ट दर्ज, गैंग पंजीकरण की ओर बढ़ रही कार्रवाई
गुलाटी के गिरोह पर मुकदमों की संख्या बढ़ती जा रही है। गुलाटी, उसके परिवार व गुर्गों पर हाल ही में 19 नए मामले दर्ज हो चुके हैं। अब गुलाटी गिरोह पर शिकंजा कसने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि और मुकदमे दर्ज होने के बाद गुलाटी का गैंग पंजीकृत कर हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी। पुलिस गुलाटी परिवार और उनके गुर्गों का डाटा जुटा रही है।

कन्हैया गुलाटी ने लोगों को छोटे फायदे देकर उनकी बड़ी पूंजी निवेश कराई। उसके साथ इस ग्रुप में कई और लोग हैं जो निवेशकों का भरोसा जीतकर खुद करोड़पति हो गए। एसआईटी बिंदुवार तथ्य व साक्ष्य जुटाकर गिरोह की घेराबंदी कर रही है। गुलाटी के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी। - अकमल खान, एसपी यातायात (एसआईटी प्रभारी)
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें