बिशारतगंज। कस्बे में फैला कैंसर का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। रविवार सुबह कैंसर से एक और जान चली गई। गुजरे डेढ़ दशक में यहां विभिन्न तरह के कैंसर से करीब दो सौ लोगों की जानें जा चुकी हैं।
कस्बे के रेलवे लाइन पार इफको काॅलोनी निवासी 62 वर्षीय लोकराम मौर्य 30 सितंबर को इफको खाद फैक्टरी से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके बड़े बेटे जितेंद्र मौर्य ने बताया कि जनवरी माह में उनके पिता को कैंसर होने का पता चला तो उनका मुंबई के टाटा सहित देश के अन्य नामचीन अस्पतालों में इलाज कराया गया, लेकिन हालत नहीं सुधरी। रविवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। शाम को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। कस्बे में कैंसर से हो रही मौतों का जानकार अलग-अलग कारण बताते हैं। इससे लोग दहशत में है। यहां अभी भी तमाम लोग पीड़ित है। संवाद