ऐसे में सीडीपीओ ने वीरवती के आवेदन में जान-बूझकर त्रुटि करा दी। इससे वीरवती का आवेदन निरस्त हो गया। ज्यादा रुपये देने वाली आवेदक का इस पद पर चयन हो गया। सीडीओ ने अपनी रिपोर्ट में सीडीपीओ को दोषी पाते हुए निलंबन की संस्तुति की। डीएम ने निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग को पत्र भेजा। इसके बाद निदेशक ने सीडीपीओ निलंबित कर दिया है।
डीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि जनसुनवाई के दौरान शिकायत मिली थी। इसकी जांच कराई गई तो आरोप सही पाए गए। इसके बाद आरोपी अधिकारी के निलंबन की संस्तुति कर जांच रिपोर्ट बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय को भेज दी गई। वहां से अब निलंबन की कार्रवाई करते हुए विभागीय जांच भी शुरू करा दी गई है।