बरेली के कैंट इलाके में बरेली-मथुरा फोरलेन हाईवे पर पुल निर्माण के दौरान बृहस्पतिवार देर रात लोहे का जाल गिरने से मीरगंज के गांव देवरिया अब्दुल्लागंज निवासी वाहन चालक भगवान दास (50) की मौत हो गई। हाइवा का पट्टा टूटने की वजह से यह हादसा हुआ। मामले में पहले परिवार ने कार्रवाई कराने के लिए कहा, बाद में निर्माण कंपनी के अधिकारियों ने उन्हें मना लिया। मुआवजे को लेकर सहमति बन गई तो परिवार के लोग शव लेकर चले गए।
भगवान दास हाईवे व पुल आदि का निर्माण करने वाली कंपनी केआईपीएल कन्नौजिया प्राइवेट लिमिटेड के लिए वाहन चलाते थे। बृहस्पतिवार शाम वह कंपनी की बोलेरो गाड़ी लेकर ड्यूटी पर गए थे। कैंट इंस्पेक्टर संजय धीर ने बताया कि मजदूर एक पिलर खड़ाकर उस पर लोहे का जाल बांध रहे थे। इसी दौरान हाइवा का पट्टा टूट गया और भारी भरकम जाल नीचे गिर गया। इसकी चपेट में आकर भगवान दास घायल हो गए।
शव छोड़कर भागने की सूचना पर पहुंची पुलिस
कैंट थाना प्रभारी के मुताबिक, रात में ही भगवान दास के साथी उन्हें बोलेरो में डालकर जिला अस्पताल लाए। अस्पताल में साथी गाड़ी में शव छोड़कर पानी लेने बाहर गए तो अस्पताल के किसी कर्मचारी ने गाड़ी में शव पड़ा होने और साथियों के भागने की सूचना यूपी 112 को दे दी। इधर कैंट पुलिस को हादसे की सूचना पहले ही मिल चुकी थी। यूपी 112 पुलिस के साथ ही कैंट थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। वहां गाड़ी में मिले कागजातों के आधार पर परिजनों को सूचित किया गया, जिन्होंने शव की पहचान की। थोड़ी देर में भगवान दास के साथी भी आ गए।
मुआवजे पर बनी सहमति
भगवान दास के शव को पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर की चोट से मौत होने की पुष्टि हुई। कैंट थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि कोई लावारिस शव गाड़ी में नहीं मिला था और मामला हादसे का ही था। दिन में ही कैंट थाने में पीड़ित परिवार और निर्माण कार्य करवा रही कंपनी के अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। इसके बाद मुआवजे पर सहमति बन गई। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। भगवान दास के परिवार में पत्नी कौशल्या देवी और दो बच्चे हैं।