शहर के विकास और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम ने मंगलवार को अपना बजट बोर्ड बैठक में पेश किया। महापौर उमेश गौतम की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड बैठक में जोरदार हंगामे और नारेबाजी के बीच 1100 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई।
नगर निगम सभागार में हुई बैठक में महापौर ने कहा कि बजट की सबसे बड़ी प्राथमिकता सड़कों का जाल बिछाना और पथ प्रकाश की व्यवस्था को चाक-चौबंद करना है। सड़कों के निर्माण के लिए 120 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
डोर-टू-डोर कलेक्शन पर 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ‘ग्रीन बरेली’ अभियान और मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के तहत शहर के 330 पार्कों को नया स्वरूप देने के लिए 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
पेयजल और सीवर की समस्या को खत्म करने का दावा करते हुए महापौर ने कहा कि अब शहर की कोई भी गली इन सुविधाओं से वंचित नहीं रहेगी। इसके लिए शुरुआती तौर पर 10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बजट की व्यवस्था भी की जाएगी।
शहरवासियों के लिए राहत आवारा पशुओं और कुत्तों से जुड़े फैसलों में रही। सीबीगंज क्षेत्र में दो महीने के भीतर नंदीशाला के संचालन का निर्देश दिया गया है, जबकि बेसहारा कुत्तों की बढ़ती आबादी पर लगाम लगाने के लिए दो विशेषज्ञ एजेंसियों का चयन पूरा कर लिया गया है। बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए वन विभाग के समन्वय से विशेष अभियान चलाने की भी घोषणा की गई।
इस वित्तीय वर्ष में वसूली का लक्ष्य 600 करोड़ से बढ़ाकर 750 करोड़ रुपये कर दिया गया है। बैठक में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय और मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी सहित तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।