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अमरनाथ यात्रा में फंसे लोगों से संपर्क टूटा

Sun, 19 Jul 2015 01:11 AM IST
बरेली
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बरेली। बाबा अमरनाथ यात्रा के रास्ते में फंसे बरेली के लोगों का परिजनों से संपर्क टूट गया है। बादल फटने से आई आपदा से यहां के सौ से ज्यादा लोग निकल नहीं पा रहे हैं। इनमें कुछ और नाम भी शामिल हो गए हैं। इनकमटैक्स आफिसर मुकेश चौबे और नगर निगम में भाजपा पार्षद डॉ. अजय सक्सेना तथा सपा पार्षद गौरव सक्सेना भी आपदा में फंसे हुए हैं। यह लोग साथ ही गए हुए थे लेकिन अब इनके मोबाइल भी नहीं लग पा रहे हैं। इससे परिजन चिंतित हो गए हैं। चौबे और डॉ. अजय सनसिटी में रहते हैं। यह अपनी कालोनी के ही नीटू और संदीप सक्सेना के साथ 14 जुलाई को गए थे। डॉ. अजय की पत्नी अनीता सक्सेना ने बताया कि दोपहर बड़ी मुश्किल से फोन लगा तो बात हो सकी। उसके बाद से संपर्क नहीं हो पा रहा है, तब बता रहे थे कि आर्मी ने नया रास्ता खोला है। इसके जरिए निकलने की कोशिश कर रहे हैं।
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वहीं, सदर कैंट के अशोक मेहता और उनके बच्चों से भी शाम को उनके परिजनों का संपर्क टूट गया। उनके भाई सतीश मेहता ने बताया कि शनिवार को सुबह थोड़ी देर बात हुई तो बताया था कि माहौल अभी ठीक नहीं है। पैदल ही आगे बढ़ने लगे हैं लेकिन उसके बाद बार-बार फोन लगाने की कोशिश की तो शाम को कुछ सेकेंड के लिए बात हो सकी लेकिन नेटवर्क प्राब्लम होने से फिर मोबाइल नहीं लगा। संपर्क टूटने के बाद चिंतित परिजन और परिचित लगातार अपनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं। वजह यह है कि बालटाल में जहां बरेली के अधिकांश लोग फंसे हुए हैं, वहां स्थिति अभी भी सामान्य नहीं है। लगातार बारिश हो रही है और सारे रास्ते बंद होने से निकलने का कोई बंदोबस्त नहीं हो पा रहा है। श्रीनगर से भी हवाई यात्राएं रुकी हुई हैं। बता दें कि बरेली के सौ से ज्यादा लोग अमरनाथ यात्रा पर गए थे, जो आपदा से घिर गए हैं।

प्यारेलाल का शव भी फंसा
आपदा से सारे रास्ते बंद होने के कारण बांसमंडी के पल्लेदार प्यारेलाल का शव भी वहां से नहीं निकल पा रहा है। उनका दो दिन पहले यात्रा के दौरान निधन हो गया और शव सोनमार्ग के पास मोर्चरी में रखा है। यात्रा में उनके साथी प्रेम नारंग और अजय कल्होत्रा शव लाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन शनिवार को भी यह संभव नहीं हो सका। यहां प्यारेलाल के परिजन लगातार परेशान हैं। वह वहां उनके अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हैं और यहां शव लाने की मांग कर रहे हैं। प्यारेलाल के बेटे करन ने शव लाने के केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री संतोष गंगवार और जिला प्रशासन से बात की लेकिन कोई बंदोबस्त नहीं हो पा रहा है। प्यारेलाल के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटी पूजा की नवंबर में शादी होनी थी।
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सांसद धर्मेंद्र कश्यप से संपर्क हुआ
अमरनाथ के दर्शन के लिए गए आंवला के सांसद धर्मेंद्र कश्यप से उनके परिजनों और परिचितों की सुबह बात हो गई। उनकी बेटी कीर्ति ने बताया कि कल नेटवर्क प्राब्लम की वजह से बात नहीं हो पा रही थी लेकिन सुबह बात हुई तो वह बता रहे थे कि बाबा अमरनाथ के दर्शन करके सकुशल निकल चुके हैं। वहीं, दोपहर फोन पर सांसद ने बताया कि वह पंचतरिणी में हैं और बालटाल को जाने के लिए हेलिकाप्टर का इंतजार कर रहे हैं लेकिन शाम को फिर उनकी लोकेशन लेने की कोशिश की गई तो मोबाइल नहीं लगा। भाजपा नेता अधीर सक्सेना ने बताया कि सांसद के साथ गए एक व्यक्ति से दोपहर बाद बात हुई थी, जिसका कहना था कि बालटाल से श्रीनगर को जाना है लेकिन फिर संपर्क नहीं हो सका।
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