अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड कंपनी के निदेशकों और एजेंटों ने फर्जी खाते खोलकर, फर्जी पासबुक और जाली प्रपत्र तैयार करके निवेशकों और खाताधारकों से रकम जमा कराई। जब जमा रकम 30 करोड़ रुपये तक पहुंच गई और निवेशकों ने एफडी व जमा धनराशि वापस मांगनी शुरू की तो आरोपी कंपनियां बंद कर भाग गए। दोनों आरोपियों पर बदायूं कोतवाली में वर्ष 2025 में चार और इस वर्ष जुलाई में धोखाधड़ी, गबन और जालसाजी में एक रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
डीआईजी बरेली रेंज अजय कुमार साहनी ने बताया कि दोनों भाईयों पर बरेली में चार व बदायूं में पांच केस दर्ज हैं जिनमें संयुक्त रूप से कई सौ लोग वादी हैं। बदायूं पुलिस से समन्वय कर बरेली पुलिस भी अपने यहां दर्ज मुकदमों में कार्रवाई आगे बढ़ाएगी। पुलिस का प्रयास रहेगा कि दोनों आरोपियों समेत इनके साथियों के खिलाफ मजबूत आरोप पत्र दाखिल किया जाए।