मामले की जांच के बाद कोतवाली थाना में अलग-अलग धाराओं में कई मुकदमे दर्ज किए गए। पुलिस जांच में करोड़ों रुपये के निवेश घोटाले की परतें खुलती चली गईं। बताया जा रहा है कि जिले के अलावा आसपास के क्षेत्रों के भी बड़ी संख्या में लोगों की मेहनत की कमाई इस कंपनी में फंस गई थी। कई लोगों ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी कंपनी में निवेश कर दी थी।
पुलिस के मुताबिक मामले में कंपनी के निदेशक शशिकांत मौर्य, सूर्यकांत मौर्य और श्रीकांत मौर्य पुत्र नारायण सिंह निवासी राधिका कुंज कॉलोनी, कटरा चांद खां, थाना बारादरी जनपद बरेली को नामजद किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही तीनों आरोपी फरार चल रहे हैं।
तीनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित
जांच एजेंसियों और पुलिस टीमों द्वारा लगातार दबिश देने के बावजूद आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग सका। इसके बाद पुलिस ने तीनों की गिरफ्तारी पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बावजूद इसके आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस को आशंका है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे हैं।
कोर्ट ने जारी की उद्घोषणा, घरों पर चस्पा हुए नोटिस
शहर कोतवाल संजय सिंह ने बताया कि आरोपियों के लगातार फरार रहने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बदायूं की अदालत से उद्घोषणा जारी कराई गई। इसी क्रम में शनिवार को कोतवाली के अपराध निरीक्षक ने थाना बारादरी पुलिस और गवाहों की मौजूदगी में बरेली पहुंचकर आरोपियों के घरों पर उद्घोषणा नोटिस चस्पा किए। कार्रवाई के दौरान आसपास के इलाके में मुनादी भी कराई गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय के भीतर आरोपी कोर्ट में पेश नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।