मीरगंज। निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक की सीढ़ियां सोमवार सुबह गिरने से मजदूर वरुण (20) की मौत के बाद से ग्रामीण आक्रोशित हैं। शेरगढ़ विकासखंड के बकैनियां बीरपुर गांव के बाशिंदों का आरोप है कि ठेकेदार ने लापरवाही बरती, जिस कारण हादसा हुआ। शिकायतों पर भी काम नहीं रोका गया।
शेरगढ़ विकासखंड के बकैनियां बीरपुर गांव में ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया जा रहा है। नंदकिशोर, लालसिंह, टोडीराम और तुलसीराम आदि ने मंगलवार को प्रदर्शन कर पूरे ओवरहेड टैंक को गिराकर मानकों के अनुरूप दोबारा बनाने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे लोगों के मुताबिक, नवंबर 2025 में एक इंजीनियर ने जीने को फेल बताया था। इंजीनियर ने इसे तोड़कर दोबारा बनाने की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद ठेकेदार ने जीने को नहीं तोड़ा और मजदूरों से काम कराता रहा। मजदूरों से बिना सेफ्टी बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपकरणों के काम कराया जा रहा था। मजदूरों ने काम करने से इन्कार किया तब भी नहीं माना। इसके बाद सीढ़ियां गिरने से नवाबगंज के वरुण की जान चली गई। अन्य मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद सोमवार रात ठेकेदार का एक व्यक्ति गोदाम में सेफ्टी बेल्ट रखकर चला गया। गांव निवासी तुलसीराम ने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने उनसे 15-20 दिन काम कराया, लेकिन मजदूरी का भुगतान नहीं किया। मजदूरी के रुपये मांगने पर ठेकेदार धमकी देता है। ग्रामीणों ने परिसर में बनाए गए अस्थायी शौचालय पर भी सवाल उठाए। आरोप है कि मजदूरों को खुले गड्ढे में शौच के लिए मजबूर किया जाता है।
वर्जन,
सोमवार रात में मौके पर पहुंची थी। ओवरहेड टैंक परिसर में लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। फिलहाल काम रुका है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। हादसे के कारणों की भी विस्तृत जांच होगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - निधि शुक्ला, एसडीएम मीरगंज