बरेली। रुहेलखंड विवि से संबद्ध न्यू खुसरो डिग्री कॉलेज पर लॉ की फर्जी मान्यता दर्शाने का आरोप लगा है। कुलपति ने 13 जुलाई को जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करके दो सप्ताह में रिपोर्ट मांगी थी। हालांकि, अब तक जांच पूरी नहीं हो पाई है।
आंवला स्थित इफको फैक्ट्री के निकट न्यू खुसरो डिग्री कॉलेज तीन वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम में इस बार प्रवेश लेने की तैयारी में था। बताया जा रहा है पिछले वर्ष ही इसका निरीक्षण रुविवि की समिति ने किया। इसके बाद एनओसी भी मिली। कॉलेज संचालकों ने बीसीआई की मान्यता ऑनलाइन लेने का दावा किया। हालांकि, अब इस मान्यता को फर्जी बताया जा रहा है। इसी को लेकर शिकायत की गई। इसमें कहा गया है कि न्यू खुसरो डिग्री कॉलेज आंवला को न्यू खुसरो डिग्री कॉलेज ऑफ लॉ में फर्जी तरीके से परिवर्तित करने का भी आरोप लगाया।
शिकायत पर कुलपति केपी सिंह ने 13 जुलाई को तीन सदस्यीय समिति गठित कर कुलसचिव के माध्यम से एक पत्र जारी किया। जांच समिति में प्रोफेसर संजय मिश्रा शामिल हैं। वह व्यवसाय प्रबंधन विभाग के आचार्य हैं। विधि विभाग के प्रोफेसर अमित सिंह व उप कुलसचिव ममता सिंह भी जांच टीम में शामिल हैं। समिति को दो सप्ताह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था। यह समय सीमा 27 जुलाई को समाप्त हो चुकी है।
समिति से जुड़े सदस्यों का कहना है कि अब तक जांच पूरी नहीं हो पाई। इसी वजह से रिपोर्ट नहीं सौंपी जा सकी। जांच समिति के सदस्य अमित सिंह ने बताया कि शिकायत के अनुसार दोनों कॉलेजों की गाटा संख्या अलग-अलग होनी चाहिए, लेकिन शिकायतकर्ता ने उसे एक बताया। इसकी भी जांच की जानी है।
शेरअली जाफरी के रिश्तेदार हैं, न्यू खुसरो कॉलेज के प्रबंधक
तीन सौ छात्रों से 3.70 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोपी शेर अली जाफरी और उसके साथियों पर मुकदमा चल रहा है। रुविवि के जांचकर्ता डॉ. अमित सिंह ने बताया कि न्यू खुसरो कॉलेज के प्रबंधक शेरअली जाफरी के रिश्तेदार भी हैं। बता दें कि जाफरी के बेटे समेत कुल छह लोग इस कार्रवाई के दायरे में आए हैं। इन पर छात्रों को फर्जी डिग्री देकर 3.70 करोड़ रुपये ठगने का आरोप है।