दुनका। नौनिहालों को पौष्टिक भोजन तैयार करने वाली रसोइयों को मानदेय नहीं मिल पा रहा है। शेरगढ़ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय दुनका की बाल वाटिका में भोजन पकाने वाली महिलाओं ने सितंबर 2024 से भुगतान न मिलने पर नाराजगी जताई है। साथ ही, शिकायत करने पर बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) कार्यालय से संतोषजनक जवाब के बजाय डांटने-फटकारने का भी आरोप लगाया है।
बाल वाटिका में तीन से पांच वर्ष तक के बच्चे आते हैं। यहां 234 बच्चे पंजीकृत हैं। उनको पौष्टिक भोजन पकाकर देने की जिम्मेदारी पूनम, पूजा देवी, किरनवती, रेनू और सीमा की है। उनके मुताबिक, रसोइयों को 50 रुपये प्रति बच्चे की दर से भुगतान का प्रावधान है, लेकिन सितंबर 2024 से भुगतान नहीं मिला है। इससे वे आर्थिक तंगी झेल रही हैं। उनका कहना है कि बकैनिया बीरमपुर, दुनकी सहित अन्य विद्यालयों की बाल वाटिकाओं की भी यही स्थिति है। वहां की रसोइयों को भी भुगतान का इंतजार है। आरोप है कि सीडीपीओ कार्यालय में शिकायत करने पर डांट-फटकार ही मिलती है। रसोइयों ने शीघ्र भुगतान न होने पर प्रदर्शन की धमकी दी है।
वर्जन
रसोइयों के खातों में भुगतान पहुंच जाना चाहिए। यदि भुगतान नहीं हुआ है तो मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। -भानुप्रताप सिंह, सीडीपीओ शेरगढ़
000000000
- रसोइयों को मानदेय का भुगतान बीएसए ऑफिस से प्राप्त सूची के अनुसार होता है। अगर रसोइयों का नाम और खाता संख्या बीएसए कार्यालय से भेजी गई होगी तो भुगतान हुआ होगा। इसकी जांच कराई जाएगी। अभद्रता के आरोप पर सीडीपीओ से जवाब मांगेंगे। - मनोज कुमार, डीपीओ