बरेली। सीएचसी-पीएचसी समेत दूसरे जिलों से रेफर होकर पहुंच रहे मरीजों से जिला अस्पताल के सभी 326 बेड सोमवार को भर गए। नए मरीजों भर्ती करने के लिए नोकझोंक होती रही। लिहाजा, छह बेड वाले इमरजेंसी वार्ड और 12 बेड के क्राइसिस वार्ड को खुलवाकर मरीज भर्ती किए गए।
इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. वैभव शुक्ला के मुताबिक होली पर कई लोग हादसों में घायल हुए। बुजुर्गों को सांस फूलने की समस्या हुई। उन्हें भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। थैलेसीमिया पीड़ित भी भर्ती हो रहे हैं। हायर सेंटर होने से सीएचसी-पीएचसी समेत मंडल के दूसरे जिलों से रेफर होकर मरीज यहां पहुंच रहे हैं। इसलिए बेड कम पड़ रहे हैं। जिनका दवाओं से इलाज मुमकिन है, उन्हें डिस्चार्ज कर रहे हैं, ताकि गंभीर मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड उपलब्ध रहें। एक जहरखुरानी का मामला था। प्राथमिक उपचार के बाद परिजन लेकर चले गए।
एडी एसआईसी डॉ. अलका शर्मा के मुताबिक अस्पताल में 326 बेड हैं। बेड कम पड़ने पर क्राइसिस वार्ड को खोल दिया गया है। जरूरत पर डेंगू, मलेरिया वार्ड भी खुलवाकर मरीज भर्ती किए जाएंगे। सीमित संसाधन में बेहतर सुविधा मुहैया कराएंगे।
एक्सरे कराने के लिए भिड़े परिजन
सोमवार काे रेडियोलॉजी यूनिट खुली तो अल्ट्रासाउंड और एक्सरे कराने वालों की कतार रही। ज्यादातर मरीजों के हाथ, पांव, सीना, कमर के एक्सरे हुए। पेट संबंधी मामलों में अल्ट्रासाउंड किया गया। घायलों का पहले एक्सरे कराने के लिए परिजनों में कहासुनी हुई। मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने समझाकर शांत कराया।
दो हजार मरीजों का हुआ इलाज, तीन सौ की हुई जांच
पर्चा काउंटर से मिली जानकारी के अनुसार 1,466 नए पर्चे बने। तीन सौ मरीज पुराना पर्चा लेकर इलाज कराने पहुंचे थे। एमएस डॉ. एलके सक्सेना के मुताबिक ओपीडी में वायरल बुखार, सर्दी, उल्टी, दस्त, ऑर्थो के मरीज ज्यादा रहे। पैथोलॉजी में तीन सौ जांचें हुईं।
परिसर में वाहनों की कतार, घिसटकर पहुंचे दिव्यांग
सोमवार को सीएमओ कार्यालय परिसर में आयोजित शिविर तक पहुंचने के लिए दिव्यांग परेशान हुए। बड़ी तादाद में मरीजों के पहुंचने से परिसर में वाहनों की कतार लगी रही। इमरजेंसी तक एंबुलेंस की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए सवारी वाहन गेट पर ही रोक दिए गए। लिहाजा, दिव्यांगों को परिजन के सहयोग से शिविर तक पहुंचना पड़ा। शाम तक 57 दिव्यांगों के प्रमाणपत्र बने, नवीनीकरण किया गया। ब्यूरो