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UP: एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ मुखर हुए अलंकार अग्निहोत्री, कहा- केंद्र के पास छह फरवरी तक मौका

Tue, 03 Feb 2026 11:15 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

अलंकार ने एससी-एसटी एक्ट को देश का काला कानून बताते हुए केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि यदि छह फरवरी तक इसे वापस नहीं लिया गया तो सात फरवरी को दिल्ली के लिए पैदल कूच करेंगे। उन्होंने यूजीसी के नए बिल को सामान्य वर्ग और एससी-एसटी व ओबीसी को लड़ाने की साजिश बताया।

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आगे के आंदोलन की जानकारी देते अलंकार अग्निहोत्री - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने छह दिन बाद दोबारा मंगलवार की देर शाम बरेली आकर समर्थकों में जोश भर दिया। उनके लाल फाटक रोड स्थित परशुराम धाम पहुंचते ही समर्थकों ने माला-फूल से स्वागत कर जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान अलंकार ने एससी-एसटी एक्ट को देश का काला कानून बताया। केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छह फरवरी तक यह काला कानून वापस नहीं लिया जाता है तो देशव्यापी आंदोलन शुरू करते हुए वह सात फरवरी को दिल्ली के लिए पैदल कूच करेंगे।

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अलंकार अग्निहोत्री पीलीभीत में मां यशवंतरी देवी मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद बरेली आए थे। उन्होंने कहा कि परशुराम धाम में भगवान परशुराम के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया है। यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) का नया बिल केंद्र सरकार सोची-समझी साजिश के तहत लाई थी। इसमें सामान्य वर्ग और एससी-एसटी व ओबीसी को आपस में लड़ाने के प्रावधान किए गए थे। देश पहले से ही एससी-एसटी एक्ट वाले काले कानून से जूझ रहा है। 

इसके बाद भी केंद्र सरकार का यूजीसी की नई गाइडलाइन को लेकर आना, यह देश तोड़ने वाले उनके मंसूबे लोगों को पता चल गए। इस दौरान अलंकार ने प्रधानमंत्री व गृह मंत्री के खिलाफ भी टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने भारत की आत्मा पर यूजीसी रेगुलेशन एक्ट के माध्यम से हमला किया है। उनका कोर वोटर उनसे अलग हो चुका है और सरकार अल्पमत में है। यदि इस समय चुनाव हों तो सत्ताधारी दल को जीरो सीट मिलेगी। 
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सात फरवरी से देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
उन्होंने कहा कि एससी-एसटी एक्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने किशन लाल वाले प्रकरण में आदेश पारित किया था कि बिना जांच के कोई एफआईआर या गिरफ्तारी नहीं होगी। उसे भी जनप्रतिनिधियों ने वापस पलट दिया और सेक्शन-18ए एससी-एसटी एक्ट में जोड़ दिया गया। इससे सुप्रीम कोर्ट का आदेश निष्प्रभावी हो गया। उन्होंने चेताया कि यदि छह फरवरी तक एससी-एसटी एक्ट वापस नहीं हुआ तो अगले दिन सात फरवरी से पूरे देश में विभिन्न संगठन देशव्यापी आंदोलन करेंगे।

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