एयरपोर्ट अथॉरिटी ने पिछले साल पोर्टा केबिन सहित दूसरे निर्माण पूरे कराने पर बहाया था पसीना
बरेली। एयर टर्मिनल से हवाई जहाज कब उड़ेंगे? इसे लेकर बार-बार तारीखें घोषित होने के बावजूद यात्रियों का इंतजार अब तक खत्म नहीं हो पा रहा है। इस बीच, निर्माणाधीन हवाई अड्डे पर 40 करोड़ की लागत से बन रही मेन बिल्डिंग का निर्माण कार्य करीब 70 फीसदी पूरा हो चुका है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों का कहना है कि पिछले साल मार्च में हवाई सेवा शुरू करने के लिए अस्थायी पोर्टा केबिन तैयार किया था लेकिन अब एयरपोर्ट के मुख्य भवन का काम 31 मई तक पूरा करने करने की समय सीमा निर्धारित की गई है।
लोकसभा चुनाव से पहले पिछले साल मार्च में हवाई अड्डे का उद्घाटन करने के लिए पहले चरण की तैयारियां पूरी की गईं थीं। भारतीय विमानन पत्तन प्राधिकरण के अधिकारियों ने इसके लिए एयरफोर्स की हवाई पट्टी की एनओसी लेने के साथ ही एप्रन, टैक्सी-वे और यात्रियों के लिए अस्थायी पोर्टा केबिन बनवाया था। 10 मार्च, 2019 को इसका उद्घाटन भी कर दिया गया, लेकिन हवाई जहाज से यात्रा करने का लोगों का सपना अब तक पूरा नहीं हो सका है। हालांकि जेट एयरवेज और फिर टर्बो एविएशन सहित दूसरी कई कंपनियां यहां सर्वे कर चुकी हैं। कई बार हवाई जहाज उड़ाने की तारीख भी घोषित हो चुकी हैं लेकिन ये अब तक हवाई ही साबित हुई हैं। उद्घाटन के साल भर बाद भी हवाई सेवा की सुविधा न मिल पाने से एयरपोर्ट अथॉरिटी की पहले चरण की तैयारियों का कोई नतीजा नहीं निकल सका है। अब अथॉरिटी ने करीब 3000 वर्गमीटर में तैयार हो रहे हवाई अड्डे के मुख्य भवन का करीब 70 फीसदी काम पूरा कर लिया है। इसमें यात्रियों के आने-जाने का रास्ता, एक्स-रे बैगेज, टिकट विंडो सहित कई दूसरी सुविधाएं और व्यवस्थाएं रहेंगी। आथॉरिटी ने इसके निर्माण का जिम्मा एक निजी कंपनी को दिया था। अधिकारियों का कहना है कि पोर्टा केबिन में जो सिस्टम तैयार किया गया था, उसका बड़ा स्वरूप मुख्य भवन में देखने को मिलेगा। 31 मई तक इस बिल्डिंग का काम पूरा करने की समय सीमा निर्धारित की गई है। पहले से बने पोर्टा केबिन का इस्तेमाल अन्य आवश्यकता के लिए होगा।
2.80 करोड़ से मंजूर ड्रेन एयरपोर्ट की ओर से बनाने का आग्रह
एयरपोर्ट में अब भी जलभराव की समस्या बनी हुई है। जल निगम को नकटिया से हवाई अड्डे तक ड्रेन बनाने के लिए करीब 2.80 करोड़ की धनराशि मंजूर हुई है। जल निगम ने इसका निर्माण नकटिया नदी की ओर से शुरू कराया है, जबकि एयरपोर्ट के अधिकारियों का कहना है कि पहले हवाई अड्डे की ओर से ड्रेन बनाई जाए, ताकि ड्रेनेज की दिक्कत का समाधान जल्द हो सके।
हवाई सेवा कब शुरू होगी, इसकी कोई जानकारी अथॉरिटी के पास नहीं आई है, लेकिन हमने मेन बिल्डिंग का काफी काम पूरा कर लिया है। मई के अंत तक इसे पूरा कराने का टारगेट है। - राजीव कुलश्रेष्ठ, संयुक्त महाप्रबंधक, भारतीय विमानन पत्तन प्राधिकरण