त्रिशूल एयरबेस के अधिकारियों ने सुरक्षा की दृष्टि से नाथनगरी एयर टर्मिनल के टैक्सी-वे डिजाइन को नामंजूर कर दिया है। लिहाजा अब नया डिजाइन बनाया जाएगा और फिर उसके मुताबिक निर्माण के लिए प्रशासन को करीब दो हेक्टेयर जमीन और खरीदनी होगी। शुक्रवार को लखनऊ में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, त्रिशूल एयरबेस, नागरिक उडड्यन विभाग उत्तर प्रदेश के अधिकारियों की जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक में इन्हीं मुद्दाें पर बात हुई। इसके बाद सारे प्रस्ताव एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को भेज दिए गए।
पीलीभीत बाईपास रोड पर मुड़िया अहमद नगर गांव में बनने वाले नाथनगरी एयर टर्मिनल की बाउंड्रीवाल का निर्माण करीब दो महीने से बंद है। इसकी वजह यह है कि बाउंड्रीवाल को सीधा करने के लिए करीब आधा हेक्टेयर जमीन और खरीदी जानी है। किसानों से जमीन की सहमति भी मिल गई है, लेकिन अभी तक नागरिक उड्डयन विभाग से जमीन खरीदने की अनुमति नहीं मिली है। शुक्र वार को मुख्य सचिव ने प्रदेश भर में बनने वाले एयर टर्मिनलों की समस्याओं का समाधान कराने के लिए लखनऊ में बैठक बुलाई थी। बैठक में नाथनगरी एयर टर्मिनल के मसलों पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि टैक्सी-वे के डिजाइन पर एयरफोर्स अफसरों को आपत्ति है। उन्होंने नहर पर पुल बनाकर वहां से टैक्सी-वे को रन-वे से जोड़ने की बात कही है। इस पर एलएलओ सुल्तान अशरफ सिद्दीकी ने बताया कि नया टैक्सी-वे बनाने केे लिए कम से कम दो हेक्टेयर जमीन और खरीदनी होगी। अधिकारियों ने जमीन खरीदने पर सहमति देकर प्रस्ताव भिजवाने को कह दिया। डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि एसएलओ बैठक में गए थे। नए डिजाइन से टैक्सी-वे बनाने की बात है तो कोई दिक्कत नहीं। इसके लिए जमीन खरीदने की कार्रवाई जल्द शुरू कराएंगे। अगले महीने से तेजी से काम शुरू होगा। हमें उम्मीद है कि इसी साल बरेली से हवाई सेवा शुरू होगी।
दिल्ली में नाथनगरी एयर टर्मिनल के लिए निविदाएं ली जा रही हैं। तमाम कंपनियां हवाई सेवा देने में दिलचस्पी ले रही हैं। लखनऊ में बरेली के कई मसलों पर चर्चा हुई है। इसमें से कुछ मामलों को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को भेजा गया है। एक सप्ताह के अंदर इस पर फैसला होने के बाद एयर टर्मिनल का काम तेज होगा। - सूर्य पाल गंगवार, विशेष सचिव, नागरिक उड्डयन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन
नाथनगरी एयर टर्मिनल की जमीन
कुल क्षेत्रफल-14.401763 हेक्टेयर
किसानों की जमीन-13.395763 हेक्टेयर
ग्राम समाज की जमीन-1.006 हेक्टेयर
कुल प्रभावित किसान-97
प्रभावित गांव- मुड़िया अहमदनगर और चाबड़
तीन किसानोें का बैनामा नहीं हुआ
आधा हेक्टेयर जमीन और खरीदी जानी है
नए टैक्सी-वे बनाने को दो हेक्टेयर जमीन और खरीदनी है।