धूप को बेअसर कर गईं पहाड़ों की बर्फीली हवाएं
तापमान में हुआ सुधार, मगर शीतलहर ने बढ़ा दी गलन
अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस रहा
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
पहाड़ों की बर्फीली हवा का मैदानी इलाकों में कहर लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को दोपहर के वक्त दो-तीन घंटे के लिए धूप खिली, लेकिन शीतलहर की वजह से बेअसर रही। शाम को पारा गिरना शुरू हुआ तो गर्म कपड़ों में भी लोग ठिठुरने लगे। मौसम विज्ञानियों ने कहा है कि शीतलहर का प्रकोप आठ जनवरी तक बरकरार रहेगा। हालांकि इस बीच बारिश होने की कोई संभावना नहीं है, आसमान भी साफ रहेगा।
बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस था, जो शुक्रवार को बढ़कर 17 डिग्री तक पहुंचा। दोपहर बाद सूर्यदेव के दर्शन हुए और गुनगुनी धूप खिली। मगर ठंडी हवाओं के चलते रहने से बाहर निकले लोगों को धूप में भी गलन का अहसास होता रहा। शाम को बर्फीली हवा का असर तेज होने से गलन बढ़ गई। अधिकतम तापमान में तीन डिग्री और न्यूनतम तापमान में एक डिग्री का सुधार होता दिखा, लेकिन शीतलहर ने राहत नहीं मिलने दी।
7 जनवरी को होगा सीजन का सबसे ठंडा दिन
पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. एचएस कुशवाहा ने बताया कि पहाड़ों की बर्फीली हवा का मैदानी इलाकों में प्रकोप आठ जनवरी तक बना रहेगा। सात जनवरी को न्यूनतम तापमान चार डिग्री या इससे भी नीचे गिर सकता है। इस दिन सर्दी और गलन का सबसे ज्यादा प्रकोप देखने को मिल सकता है। नौ जनवरी से तापमान बढ़ने के आसार हैं, जिससे धीरे-धीरे सर्दी का प्रकोप कम होना शुरू हो जाएगा।