जागरूकता व अनुशासन को बढ़ावा देने के लिए लिया गया निर्णय
परिवहन विभाग का मानना है कि सार्वजनिक स्थान पर नाम लेकर टोके जाने पर वाहन चालक शर्मिंदगी महसूस करेंगे और भविष्य में वह नियमों का पालन करने के लिए अधिक सतर्क रहेंगे। यह कदम दंड के बजाय जागरूकता व अनुशासन को बढ़ावा देने के लिए उठाया जा रहा है। एआई आधारित यह निगरानी प्रणाली दुर्घटनाओं में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। प्रयोग सफल रहा तो आने वाले समय में इसे सभी चौराहों पर लागू किया जा सकता है। परिवहन विभाग की तरफ से प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से इसका सर्वे भी कराया जा चुका है। इसमें अभी कुछ सुधार भी किया जा रहा है।
इन 18 चौराहों पर की जाएगी व्यवस्था
सेटेलाइट चौराहा, संजयनगर तिराहा, लाइफ लाइन हॉस्पिटल तिराहा, सौ फुटा रोड तिराहा, डेलापीर तिराहा, इज्जतनगर चौराहा, मिनी बाईपास चौराहा, परसाखेड़ा तिराहा, चौकी चौराहा, पटेल चौक, नावेल्टी चौराहा, धर्म कांटा चौराहा, बरेली कॉलेज चौराहा, गांधी उद्यान चौराहा, मालियों की पुलिया, ईसाइयों की पुलिया, श्यामगंज व शाहदाना चौराहे पर यह व्यवस्था की जाएगी। प्रत्येक चौराहे पर कैमरों को एआई सेंसर से जोड़ने के लिए 10 हजार रुपये खर्च होंगे।
आरटीओ प्रवर्तन प्रवण झा ने बताया कि परिवहन विभाग की तरफ से सड़क हादसों को कम करने के लिए पहल की जा रही है। इसके तहत चौराहों पर लगे कैमरों को एआई सेंसर से कनेक्ट किया जाएगा। यह चौराहों पर नंबर रीड करके वाहन मालिक का नाम लेकर हेलमेट व सीट बेल्ट लगाने के लिए बोलेगा, ताकि भविष्य में वह ऐसी गलती न करें।