आंवला। जनगणना प्रशिक्षण के कार्यक्रम में शुक्रवार को शिक्षकों को अपशब्द कहने के बाद शनिवार को एसडीएम कार्यालय में बैठक हुई। एक घंटे हुई बैठक में एडीएम (वित्त एवं राजस्व) एवं जिला जनगणना अधिकारी संतोष कुमार सिंह ने एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा और शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के बीच समझौता कराया।
एडीएम एफआर एवं जिला जनगणना अधिकारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में शिक्षक संघ के पदाधिकारियों से वार्ता हुई। इसमें एसडीएम आंवला सुशील कुमार मिश्रा भी मौजूद रहे। संपूर्ण समाधान दिवस कार्यक्रम के बाद हुई बैठक में एसडीएम का कहना था प्रशिक्षण के अंतिम दिन अस्वस्थ होने के चलते कथन से अप्रिय स्थिति बनी। वह पहले ही खेद व्यक्त कर चुके हैं। शिक्षकों की अन्य समस्याओं पर भी चर्चा हुई। खंड शिक्षा अधिकारियों से प्रगणकों की समस्या भी चिह्नित कराकर निस्तारण कराया जाएगा। वार्ता से शिक्षक संघ के पदाधिकारी ने संतुष्टि जताई। इससे प्रकरण को समाप्त करने पर सहमति बनी।
बैठक में भानु प्रताप सिंह (यूटा जिलाध्यक्ष), सूर्यकांत, दीनदयाल, सत्यार्थ पाराशरी, सत्येंद्र पाल सिंह, विनोद कुमार सिंह, अरविंद सिंह, अनुज शर्मा, राघवेंद्र गुप्ता, निर्मेश चौहान, बनवारी लाल राठौर, सचिन कटियार समेत उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ व अन्य शिक्षक नेता शामिल रहे।
सामंजस्य से करें काम : पशुधन मंत्री
समझौते के बाद अधिकारी और शिक्षक संघ के पदाधिकारी पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह के आवास पर आयोजित दिवाली कार्यक्रम में शामिल होने गए। शिक्षक नेता मंत्री को ज्ञापन देने वाले थे लेकिन इस योजना को रद्द कर दिया गया। आवास पर मंत्री ने दोनों पक्षों से मनमुटाव दूर कर सामंजस्य बनाकर कार्य करने की सलाह दी।
भोजन की कतार में अव्यवस्था पर हुआ था हंगामा
जनगणना प्रशिक्षण के अंतिम दिन शुक्रवार दोपहर भोजन के दौरान विवाद हुआ था। आरोप है कि एसडीएम सुशील मिश्रा ने लाइन से अलग लगे कुछ प्रशिक्षुओं से अपशब्द कहे। एक महिला प्रशिक्षु से अभद्रता की। इस पर परिसर में मौजूद 500 से ज्यादा प्रशिक्षणार्थी शिक्षकों और कर्मचारियों ने सवा घंटे तक एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में खंड शिक्षा अधिकारियों के समझाने के बाद प्रदर्शन करने वाले शांत हुए, लेकिन वे लोग बिना खाना खाए ही लौट गए। एसडीएम ने भी शिक्षकों से सार्वजनिक माफी मांगी थी।