आरोपी शख्स के दो भाई विभाजन के वक्त पाकिस्तान चले गए थे। बरेली में उनके हिस्से की संपत्ति शत्रु संपत्ति के श्रेणी में आ गई, जिस पर सरकार को अधिकार हो गया। लेकिन आरोपी ने फर्जी दस्तावेज से शत्रु संपत्ति का इकरारनामा करा दिया।
बरेली में फर्जी दस्तावेज से शत्रु संपत्ति का सौदा करने का मामला सामने आया है। भारत विभाजन के समय पाकिस्तान गए दो भाइयों की अचल संपत्ति पर काबिज तीसरे भाई ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर शत्रु संपत्ति की श्रेणी में आई संपत्ति का इकरारनामा करा दिया। मामले का खुलासा होने के बाद बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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सिविल लाइंस में एडीएम आवास के सामने रहने वाले राकेश कुमार की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि शाहदाना निवासी सुल्तान अहमद के तीन बेटे थे। इनमें फिरोज और असलम भारत विभाजन के समय पाकिस्तान चले गए और वहीं की नागरिकता ले ली। तीसरा बेटा चांद मियां बरेली में ही है। सुल्तान अहमद की मौत के बाद शाहदाना स्थित उनका मकान तीनों बेटों के नाम आ गया। फिरोज व असलम के पाकिस्तान जाने और वहां की नागरिकता लेने के कारण उनके हिस्से की अचल संपत्ति शत्रु संपत्ति की श्रेणी में आई और उस पर भारत सरकार का अधिकार हो गया।
शत्रु संपत्ति को बेचने के लिए चांद मियां ने यह बात छिपा और फर्जी दस्तावेज तैयार कर शत्रु संपत्ति बेचने के लिए अक्तूबर 2024 में इमरारनामा करा दिया। आरोप है कि चांद मियां संगठित गिरोह चलाता है। वह जमीनों और मकानों पर कब्जा कर रंगदारी वसूलने का काम करता है। इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।