बरेली। थाना प्रेमनगर क्षेत्र निवासी राजीव (32) ने घर में ही फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। राजीव बिजली बिल जमा करने वाली प्राइवेट एजेंसी के कर्मचारी थे। उनके भाई संजू ने बताया कि राजीव के साथियों ने करीब तीन लाख का घोटाला कर दिया था। बाद में राजीव के नाम पर कर्ज लेकर रकम जमा कर दी। बेहिसाब कर्ज जमा करते-करते राजीव परेशान हो चुके थे।
गुलाब राय के पास रहने वाले राजीव की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर उनके भाई संजू ने बताया कि राजीव एक एजेंसी में काम करते थे जो बिजली के बिल जमा कराती है। रोज की तरह वह सोमवार शाम वह ड्यूटी कर घर लौटे थे। पड़ोसी से पता लगा कि उनका शव कमरे में कुंडे के सहारे लटका हुआ है। वह लोग उन्हें अस्पताल ले गए पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
संजू ने यह भी आरोप लगाया कि भाई पहले राजेंद्र नगर बिजली उपकेंद्र से संबंधित बिलों को जमा कराने का काम करते थे। सालभर पहले राजीव लंबे बीमार हुए तो उनकी आईडी पर उनके सहयोगी ने काम किया। इसी दौरान बिल जमा में करीब तीन लाख रुपये का घोटाला हो गया। राजीव काम पर लौटे तो उन्हीं को इस घोटाले का जिम्मेदार बता दिया गया। उनके वरिष्ठों ने राजीव को वही रकम कर्ज में दिलवा दी। तीन लाख से ज्यादा रकम वह जमा कर चुके थे, लेकिन रुपया और बकाया बताया जा रहा था। इसके चलते अवसाद में आकर भाई ने आत्महत्या कर ली। प्रेमनगर थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया तो उसमें हैंगिंग (लटकने) से ही मौत का मामला सामने आया। अमर उजाला ब्यूरो
मायके में रह रही थीं पत्नी
प्रेमनगर थाना प्रभारी आशुतोष रघुवंशी ने मामले में जांच कराई तो पता लगा कि राजीव की पत्नी कई महीनों से दो बच्चों के साथ गणेश नगर अपने मायके में रह रही हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि राजीव व पत्नी में अनबन चल रही थी। शायद इसी वजह से राजीव ने आत्महत्या की है। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। घोटाले या कर्ज जैसे आरोप की कोई तहरीर नहीं दी गई है। शिकायत मिलेगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।