देशभर में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए बवाल के लिए जिम्मेदार माने जा रहे प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का बरेली जोन से भी कनेक्शन खोजा जा रहा है। हालांकि, बरेली जोन में तोड़फोड़ या आगजनी की घटना नहीं हुई है, लेकिन फिर भी इंटेलीजेंस इस संगठन का लिंक तलाश रही है। 249 संदिग्ध नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। एडीजी ने बताया कि मुरादाबाद में आगजनी की कई घटनाएं हुई हैं। इसलिए वहां इस संगठन की मिलीभगत की तलाश सरगर्मी से की जा रही है।
सीएए को लेकर हो रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और सिमी जैसे संगठनों का नाम आया है। असम में इस संगठन के चीफ अमीनुल हक की गिरफ्तारी के बाद यूपी में भी संगठन के स्थानीय प्रमुख वसीम और उसके गुर्गों की गिरफ्तारी की गई। इसके बाद से एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। डीजीपी ने प्रदेशभर में संगठन के लिंक तलाशने का आदेश दिया है।
एडीजी अविनाश चंद्र ने इस बारे में बरेली और मुरादाबाद रेंज के सभी नौ जिलों के कप्तानों को अलर्ट जारी किया है। बरेली रेंज के चारों जिलों में हिंसक प्रदर्शन न होने की स्थिति में भी यहां पीएफआई से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी जुटाने में खुफिया अमला और एजेंसियां जुट गई हैं। वहीं, मुरादाबाद के अमरोहा, रामपुर और बिजनौर में हुई हिंसा के बाद वहां खासतौर पर पीएफआई के लिंक खोजे जा रहे हैं।
पीएफआई की सक्रियता को लेकर जांच की जा रही है।
- अविनाश चंद्र. एडीजी