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पंचायत चुनाव की ट्रेनिंग के बाद आया बुखार जान लेकर ही गया

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स्वर्गीय सतीश चंद्र गंगवार पत्नी सुनीता के साथ। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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भोजीपुरा में तैनात शिक्षक सतीश का गिरा आक्सीजन स्तर, हो गई मौत
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बरेली। भोजीपुरा में तैनात शिक्षक सतीश चंद्र गंगवार भी कोरोनाकाल में कराए गए पंचायत चुनाव का शिकार हो गए। चुनाव की ट्रेनिंग के बाद से उन्हें बुखार ने ऐसे जकड़ा कि फिर जान लेकर ही छोड़ा। घर में अकेले कमाने वाले शिक्षक के बेटे सिंकुल ने बताया कि अब कोई आय का जरिया नहीं बचा है। सरकार से मांग है कि उन्हें मृतक आश्रित कोटे में नौकरी दी जाए और ऐसी ही पीड़ा झेल रहे सभी शिक्षक परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए।
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सतीश चंद्र गंगवार भोजीपुरा ब्लॉक के गांव सफरी में तैनात थे। बेटे सिंकुल गंगवार ने बताया कि घर में सब ठीक चल रहा था। सिंकुल से बड़ी दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। सिंकुल स्नातक के अंतिम वर्ष के छात्र हैं। उन्होंने बताया कि पापा की पंचायत चुनाव में ड्यूटी लगी थी। वह ट्रेनिंग करने गए थे। शाम को पापा जब घर लौटे तो उन्हें बुखार था। सोचा कि थकान की वजह से बुखार आ रहा है। वह सो गए और सुबह उठे तो भी उन्हें बुखार था। विभागीय अधिकारियों को जानकारी देकर उनकी ड्यूटी कटवाई गई। डॉक्टर से बात कर उनका इलाज घर पर ही शुरू कराया। इसी दौरान उनका ऑक्सीजन स्तर भी कम हो रहा था। ऐसे में ऑक्सीजन सिलिंडर की इंतजाम कर घर पर ही ऑक्सीजन देना शुरू किया। इलाज के बाद भी बुखार नहीं जा रहा था। 27 अप्रैल को फिर उन्हें तेज बुखार आया और ऑक्सीजन स्तर काफी कम हो गया। थोड़ी देर बाद उनकी मौत हो गई। सिंकुल ने बताया कि आपाधापी में वो कोरोना टेस्ट नहीं करा पाए मगर सभी लक्षण कोरोना के ही थे। इसीलिए हम लोग पापा को होम आइसोलेट कर इलाज करा रहे थे।

जांच रिपोर्ट नहीं तो क्या संक्रमित नहीं

प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मुकेश सिंह चौहान का कहना है कि पंचायत चुनाव की ट्रेनिंग और ड्यूटी में कई शिक्षकों की तबीयत बिगड़ी। शिक्षक लगातार बीमार रहे और उनकी मौत हो गई। कई शिक्षक इसलिए जांच नहीं करा पाए, क्योंकि उनके परिवार में ऐसा कोई सक्षम नहीं था जो जांच करा पाए। मगर उनमें कोविड के सभी लक्षण थे और उनकी मौत हो गई। ऐसे में अब सरकार बताए कि यदि कोरोना नहीं था तो वह ट्रेनिंग सेंटर पर जाने के बाद या पंचायत चुनाव से लौटने के बाद ही क्यों बीमार हुए और इतना बीमार की मौत हो गई। हम सभी शिक्षक परिवारों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करते रहेंगे।
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