इस बार नई व्यवस्था लागू करने का दावा
रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से पिछले करीब 20 वर्षों से प्रवेश परीक्षा के आधार पर ही प्रवेश हुआ है। इस बार नई व्यवस्था लागू होने से सत्र समय पर शुरू होने का दावा किया जा रहा है। बीएड-एमएड वीएड-एम विभाग के विभागाध्यक्ष संतोष अरोरा ने बताया कि एमएड शिक्षक शिक्षा का एक महत्वपूर्ण स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम है। इसका उद्देश्य शिक्षण, अनुसंधान और शैक्षिक प्रशासन में दक्ष टीचर एजुकेटर तैयार करना है। पाठ्यक्रम की अवधि दो वर्ष (चार सेमेस्टर) है।
प्रवेश के लिए बीएड अथवा बीएलएड में न्यूनतम 55 फीसदी अंक अनिवार्य हैं। विभाग में कुल 50 नियमित सीटें और पांच आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की सीटें उपलब्ध हैं। अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट
www.mjpru.ac.in पर नियमित रूप से जानकारी देख सकते हैं। समर्थ प्रवेश पोर्टल पर भी सभी सूचनाएं उपलब्ध होंगी।
पहले भी मेरिट से होते थे प्रवेश
रुविवि के शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त प्रो. रश्मि अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने विश्वविद्यालय से वर्ष 1988 में एमएड किया था, तब मेरिट के आधार पर प्रवेश हुए। उसके बाद करीब 10 साल तक मेरिट ही प्रवेश का आधार रही। पिछले करीब 20 वर्षों से प्रवेश परीक्षा के आधार पर एमएड में प्रवेश दिए गए।
एलएलएम और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन शुरू
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के विधि विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एलएलएम और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पंजीकरण शुरू कर दिए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 15 जून है। दो वर्षीय एलएलएम (जनरल), एलएलएम (मानवाधिकार एवं कर्तव्य) और एलएलएम (साइबर कानून) में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थी इस अवधि में आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
एक वर्षीय एलएलएम (बिजनेस एंड कॉर्पोरेट लॉ) भी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, दो वर्षीय एलएलएम एग्जीक्यूटिव पाठ्यक्रम भी है। डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में पीजी डिप्लोमा इन साइबर लॉ एंड साइबर फोरेंसिक्स शामिल है। पीजी डिप्लोमा इन ह्यूमन राइट्स एंड ड्यूटीज भी एक वर्षीय पाठ्यक्रम है।
पीजी डिप्लोमा इन मीडिया लॉ और डिप्लोमा इन पेटेंट लॉ में भी प्रवेश के लिए पंजीकरण करा सकते हैं। विधि विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अमित सिंह के अनुसार, एलएलएम में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से प्रवेश होंगे। वहीं, पीजी डिप्लोमा में सीधे प्रवेश ले सकते हैं। विश्वविद्यालय के आधिकारिक प्रवेश पोर्टल के माध्यम से अपने फॉर्म जमा कर सकते हैं।
परीक्षा फॉर्म भरने के लिए पोर्टल दोबारा खुला
रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से अब परास्नातक (एमए, एमकॉम, एमएससी, एमएससी गृह विज्ञान) आदि पाठ्यक्रमों के द्वितीय व चतुर्थ सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म भरने के लिए पोर्टल एक बार फिर खोला जा रहा है। 26 मई से 28 मई तक विद्यार्थी फॉर्म भरकर शुल्क जमा कर सकते हैं। महाविद्यालय की ओर से परीक्षा फॉर्म स्वीकृत करने की अंतिम तिथि 29 मई है।
नेपाल के चार शोधार्थियों ने दिया प्रस्तुतिकरण
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय अर्थशास्त्र विभाग में नेपाल के चार शोधार्थियों ने प्रस्तुतिकरण दिया। इसमें जनक राज जोशी, गिरि राज कड़ायत, गोविंद राज उपाध्याय और धर्म देव भट्ट शामिल रहे।
शोधार्थी गिरि राज कड़ायत ने नेपाल में आर्थिक वृद्धि और पर्यटन विषय पर, धर्म देव भट्ट ने नेपाल की ग्रामीण महिलाओं पर माइक्रो फाइनेंस के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव का मूल्यांकन विषय पर प्रस्तुतिकरण दिया।
गोविंद राज उपाध्याय ने नेपाल में वेटलैंड के संरक्षण के लिए लोगों की पैसे देने की इच्छा का अनुमान विषय पर और जनक राज जोशी ने नेपाल में गरीबी कम करने में कोऑपरेटिव की भूमिका को समझने पर शोध कार्य प्रस्तुत किया।