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UP: नौ जिलों में पुलिस की आंख-कान बनेंगे पेंशनर, बरेली जोन के एडीजी रमित शर्मा ने की यह पहल

Tue, 31 Dec 2024 01:42 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली जोन के एडीजी रमित शर्मा ने नए साल में अपराध नियंत्रण के लिए नई पहल की है। एडीजी ने सोमवार को सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के साथ बैठक की। उनसे सहयोग मांगा। 
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बरेली जोन के एडीजी रमित शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली जोन के नौ जिलों में पुलिस विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी व कर्मचारी पुलिस की आंख-कान बनेंगे। एडीजी रमित शर्मा ने नए साल में यह पहल की है। सोमवार को उन्होंने सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के साथ बैठक कर अपराध नियंत्रण में सहयोग मांगा। 

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एडीजी कार्यालय में हुई बैठक में बरेली जिले के कई पुलिस पेंशनर शामिल हुए। जोन के बाकी आठ जिलों के पुलिस पेंशनर वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक से जुड़े। एडीजी ने रिटायर्ड अधिकारियों के अनुभव और उनके योगदान की सराहना की। कहा कि वह लोग अब भी सक्रिय रहकर समाज के खुराफाती तत्वों को चिह्नित करने में पुलिस की मदद करें। 

नई पीढ़ी को नशा व अन्य बुराइयों से दूर रखें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उन लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए वह हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने सभी पेंशनरों को स्मृति चिह्न भेंट किए। बैठक में एसएसपी अनुराग आर्य व संबंधित नोडल अधिकारी भी शामिल हुए। 

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ये लिए गए फैसले
  • हर माह के पहले सप्ताह में जोन के सभी थानों में पुलिस पेंशनर कल्याण संस्थान के सदस्यों की बैठक होगी।
  • पुलिस पेंशनरों की सूची सत्यापित कर अपडेट कर लें। हर तीन महीने में हल्का दरोगा, बीट कांस्टेबल पेंशनरों के परिवारों से मिलकर कुशलता पूछ लें। परिवार पेंशन का रजिस्टर तैयार कर लें। 
  • पुलिस पेंशनरों के साथ नियमित त्रैमासिक बैठक आयोजित की जाएगी।
  • लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति और अन्य वित्तीय मुद्दों को प्राथमिकता से हल किया जाएगा। 
  • सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों के अनुभवों को अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशिक्षण में शामिल करें।
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एडीजी रमित शर्मा ने बताया कि पुलिस विभाग के ही कई पेंशनर उपेक्षा के शिकार रहते हैं। ऐसे लोगों को विभाग से जोड़कर सम्मान दिया जाएगा। उनके अनुभव के आधार पर सामुदायिक पुलिसिंग का उद्देश्य पूरा होगा।
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