आगरा, मेरठ और मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में तोड़फोड़ और आगजनी की खबरों के बीच एडीजी प्रेमप्रकाश और आईजी ध्रुवकांत ठाकुर खुद सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने निकले। पुलिस कंट्रोल रूम में भी स्टाफ को सक्रिय रखने के लिए कहा गया। अधिकारियों ने संकेत दिया कि छोटी सूचना को भी हल्के में नहीं लिया जाए। दोपहर तक आईजी और एडीजी ने एसपी सिटी कार्यालय में मौजूद रहकर हालात पर नजर बनाए रखी।
एलआईयू सहित दूसरी खुफिया इकाइयों ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बवाल की आशंका का इनपुट प्रशासन को दिया था। एडीजी प्रेमप्रकाश और आईजी ध्रुवकांत ठाकुर दोपहर तक एसपी सिटी कार्यालय में मौजूद रहे। एसएसपी जोगेंद्र कुमार, एसपी सिटी रोहित सिंह, एसपी ट्रैफिक कमलेश बहादुर सहित पुलिस अमला भी मौजूद रहा। अधिकारियों ने प्रदर्शन करने वालों को शांति से समझाने के लिए कहा था, लेकिन यह संकेत भी दिए गए थे कि अगर शांति व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया जाए तो सख्ती से निपटा जाए।
ट्रेनों में स्क्वाड को सतर्कता बरतने के निर्देश
अधिकारियों ने बस अड्डों और जंक्शन पहुंचकर वहां पुलिस की तैनाती बढ़वाई। जंक्शन पर ट्रेनों में पुलिस स्क्वाड को ज्यादा सतर्कता बरतने को कहा क्योंकि दूसरे जनपदों से ट्रेनों और बसों को रोकने की घटनायें सामने आ रही थी। हालांकि जनपद में कहीं भी गाड़ियों को रोकने की घटना नहीं हुई।