बरेली। बरेली-सितारगंज हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान अंश निर्धारण में गलती हाेने से 20 भूस्वामियों के खाते में अतिरिक्त मुआवजा पहुंच गया। जांच रिपोर्ट में खुलासा होने के बाद विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलएओ) की ओर से संबंधित भूस्वामियों को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से 13 लोगों ने ही अतिरिक्त रकम लौटाई, जबकि सात लोगों ने इस पर आपत्ति जताते हुए हाईकोर्ट की शरण ली है। वहीं, अंश निर्धारण में गलती की वजह से जिन किसानों को कम मुआवजा मिला, वे आज भी एसएलएओ और डीएम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
पीलीभीत जिले के सदर और अमरिया तहसील क्षेत्र के भूस्वामियों ने अंश निर्धारण गलत होने की शिकायत एसएलएओ विजय वर्धन तोमर से की थी। इसकी जांच की गई तो अंश निर्धारण गलत होना पाया गया। इस वजह से 20 भूस्वामियों के खाते में लाखों रुपये अतिरिक्त मुआवजा पहुंच गया। इसमें लखनऊ की साधना सिंह को सर्वाधिक 22 लाख रुपये की धनराशि आवंटित होने की बात सामने आई थी।
इन्होंने ली कोर्ट की शरण
पीलीभीत के गांव हंडा निवासी उमाशंकर, शाही के नत्थूलाल, नंदराम, रामकिशोर, लोचन प्रसाद, शकुंतला देवी, साधना सिंह ने नोटिस जारी होने के बाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। साधना सिंह का नाम घपलेबाजों की सूची में भी शामिल है। संवाद
20 भूस्वामियों को धनराशि जमा करने संबंधी नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से अब तक सिर्फ 13 ने ही नोेटिस का जवाब दिया है। शेष सात भूस्वामियों ने कोर्ट की शरण ले ली है। अब कोर्ट के आदेश के मुताबिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। - विजय वर्धन तोमर, एसएलएओ, पीलीभीत