बरेली। प्रसिद्ध भजन गायक अनूप जलोटा सोमवार को एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शहर पहुंचे। शहर के उद्यमी अनुपम कपूर के आवास पर उन्होंने अमर उजाला के साथ खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली, अपनी नई रचनाओं, डिजिटल दौर के फायदों और युवाओं के लिए संगीत के महत्व पर बेबाकी से विचार रखे। कहा कि जेन जी भजन जेनिक हो रहे हैं। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश...।
सवाल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जेन जी की परिभाषा को आप किस रूप में देखते हैं और युवाओं के लिए इसके क्या मायने हैं?
जवाब : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा देश के बारे में सोचते हैं। वह जब जेनजी की बात करते हैं तो उसका मतलब उम्र से बिल्कुल नहीं होता। जेन जी वह है जो नई योजनाएं अपने दिमाग में रखता है और देश को आगे बढ़ाने का प्रयास करता है। आज युवा नए-नए विचार गढ़ रहे हैं और वही देश को नई दिशा में ले जाएंगे। सबसे एनर्जेटिक तो हमारे प्रधानमंत्री खुद हैं जो लगातार देश के विकास के लिए काम कर रहे हैं।
सवाल : आपका नया भजन काशी बदली, अयोध्या बदली, अब मथुरा की बारी है... इन दिनों काफी चर्चा में है। क्या यह किसी राजनीतिक माहौल या चुनाव से जुड़ा है?
जवाब : उत्तर प्रदेश मंदिरों का प्रदेश है। यूपी में राम से लेकर कृष्ण तक का इतिहास रहा है। काशी बदली...भजन हमारी सांस्कृतिक पहचान और आस्था से जुड़ा हुआ है। यूपी में हमेशा से इस तरह की धार्मिक भावनाएं और श्रद्धा का माहौल रहा है।
सवाल : आपने अनगिनत भजन गाए, लेकिन ऐसी लागी लगन... से आपको पहचान मिली। इसके पीछे का क्या कारण है?
जवाब : ऐसी लागी लगन... भजन की लोकप्रियता का मुख्य कारण यह है कि उसकी धुन बेहद कर्णप्रिय है और उसे पूरी श्रद्धा और सच्चे भाव से गाया गया था। संगीत में जब भाव और सुर का ऐसा सुंदर मेल होता है तो वह श्रोताओं के दिल पर अमिट छाप छोड़ जाता है।
सवाल : आज के डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के दौर को आप उभरते हुए गायकों के लिए अवसर मानते हैं या चुनौती?
जवाब : डिजिटल प्लेटफॉर्म जरिये हर सिंगर घर बैठे आगे बढ़ रहा है। मैं इन सभी नए माध्यमों का स्वागत करता हूं, क्योंकि यह आज के युवाओं को अपनी प्रतिभा दुनिया के सामने लाने का अवसर देते हैं। हालांकि, शो का अपना अलग महत्व होता है।
सवाल : जो युवा शास्त्रीय संगीत या भजन गायन के क्षेत्र में कॅरिअर बनाना चाहते हैं, उनके लिए क्या सलाह है?
जवाब : जो युवा संगीत की दुनिया में कदम रखना चाहते हैं, उन्हें पहले शास्त्रीय संगीत की बुनियादी शिक्षा लेनी चाहिए। शास्त्रीय संगीत सीखने का मतलब यह कतई नहीं है कि आपको केवल शास्त्रीय गायक ही बनना है। यदि आपको शास्त्रीय संगीत का ज्ञान होगा तो आपके गायन और संगीत में अद्भुत आकर्षण होगा।