फतेहगंज पश्चिमी (बरेली)। दो ट्रकों में ठूंसकर ले जाए 40 पशुओं को देखकर सोमवार को गोरक्षकों ने हंगामा कर दिया। पता लगा कि इनमें 20 गोवंशीय पशु भी शामिल थे, जिनके हाथ-मुंह बांध दिए गए थे। कार्यकर्ताओं ने इन ट्रकों को रोककर चालकों को पुलिस के हवाले कर दिया और तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। पशुओं को मेडिकल के लिए भेजकर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सीओ हाईवे देवेश सिंह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद व राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष रोहित गंगवार की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक, उनको सोमवार दोपहर गांव धंतिया स्थित हाजी शकील की डेयरी से पशुओं को ट्रकों में ठूंसकर ले जाने की सूचना मिली थी। इस पर वह अमित गंगवार, विजय गंगवार, शिवा राठौर, चंद्रेश, विजय मौर्य और शिवा कश्यप के साथ धंतिया की ओर गए।
हाईवे पर शंखा नदी पुल के पास कार्यकर्ताओं ने दोनों ट्रकों को रोक लिया। ट्रकों में 40 पशु भरे हुए थे, जिनमें से 20 गोवंशीय थे। पशुओं को ठूंसकर ले जाने का कारण पूछने पर ट्रक चालकों से कहासुनी और हाथापाई हो गई। इसके बाद किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। घटना का वीडियो भी बना लिया गया।
मीट फैक्टरी प्रबंधन भी शक के दायरे में
जिन डेयरी मालिक के पशु बताए जा रहे हैं, उन हाजी शकील कुरैशी की मारिया फ्रोजन मीट कंपनी भी कैंट इलाके में है। यहां महिषवंशीय पशुओं का रोस्टर के मुताबिक कटान कर मीट एक्सपोर्ट किया जाता है। ऐसे में उनकी डेयरी में गोवंशीय पशुओं की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पशुओं को जलभराव से बचाने के लिए शिफ्ट करने का तर्क समझ में आता है, लेकिन उन्हें ठूंसकर ले जाने और गोवंशीय पशुओं को वाहन के बीच में मुंह व पैर बांधकर डालने से फैक्टरी प्रबंधन भी संदेह के दायरे में आ गया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
सीओ हाईवे ने बताया कि सूचना मिलने पर फतेहगंज पश्चिमी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों ट्रकों को कब्जे में लेकर चालकों से पूछताछ की जा रही है। कुछ लोगों ने चालकों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी है। वैसे चालकों ने बारिश की वजह से पशुओं को एक डेयरी से दूसरी में शिफ्ट करने की सफाई दी है। जांच में कोई खामी मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
फैक्टरी प्रबंधन ने दी सफाई
मारिया फ्रोजन मीट फैक्टरी के प्रबंधन से जुड़े ईशान ने बताया कि धंतिया के पास उनकी डेयरी निचले इलाके में है। वहां जलभराव हो गया है तो पशुओं को दूसरी डेयरी में ले जाया जा रहा था। इनमें भैंसों के अलावा गाय, घोड़े व अन्य पशु भी शामिल हैं, जिन्हें धीरे-धीरे शिफ्ट किया जा रहा है।