बरेली। कचहरी में वकील राजाराम सोलंकी व उनके बेटे पर हुए हमले में चारों आरोपी शनिवार को जेल भेज दिए गए। आरोपियों ने कहा कि वे नशे में थे, इसलिए उनसे गलती हो गई।
शनिवार को सीओ सिटी पंकज श्रीवास्तव और कोतवाल अमित पांडेय ने चारों आरोपियों से पूछताछ की। तब तक उनका नशा उतर चुका था और वे अपनी हरकत को लेकर पछताने का ड्रामा कर रहे थे। सचिन ने सफाई दी कि अधिवक्ता काफी समय से उन लोगों को टाल रहे थे। अधिवक्ता के बेटे से उसने तैश में बात की तो उन्होंने अभद्रता कर दी। तब वह हल्के नशे में था। गुस्से में साथियों को बुलाया और फिर शराब पिलाई। ज्यादा नशा करके वे दोबारा चैंबर में गए।
आरोपियों ने यह कहकर खुद को बेचारा साबित करने की कोशिश की कि उन्होंने फायर ही नहीं किया था, तमंचा निकालते ही घिर गए। यह भी बताया कि वह चार ही लोग थे, पांचवां कोई नहीं था। घटना के बाद चारों ही पकड़ लिए गए। पुलिस ने इनका रिकाॅर्ड निकलवाया तो सचिन, देव ठाकुर व रोहित कुर्मी पर पहले से मारपीट, फायरिंग व अन्य धाराओं के मुकदमे दर्ज मिले। सचिन एक अपार्टमेंट में सफाईकर्मी है। बाकी लोग भी छोटे-मोटे काम करते हैं। नशा करके झगड़ा व मारपीट करना इनकी आदत है।
यह है मामला
चनहेटी निवासी राजू वाल्मीकि पर हत्या का केस चल रहा है। अधिवक्ता राजाराम सोलंकी उसके वकील हैं। अधिवक्ता पर मजबूत पैरवी का दबाव बनाने आया राजू का बेटा सचिन शुक्रवार को सोलंकी के बेटे से तकरार कर बैठा था। सचिन ने गुस्से में साथी देव ठाकुर, रोहित कुर्मी, मोहित को बुलाया। ये लोग नशा करके दोबारा चैंबर में पहुंचे और अधिवक्ता व उनके बेटे पर फायर झोंक दिया। गनीमत रही कि दोनों बाल-बाल बच गए। बाद में अधिवक्ताओं ने इन्हें पकड़कर पीटा और फिर पुलिस इन्हें छुड़ा ले गई। अधिवक्ता राजाराम सोलंकी की ओर से आरोपियों पर मामला दर्ज कराया गया है।
वीडियो दे रहे गवाही, सीओ न जूझते तो हो जाती बड़ी घटना
कचहरी में हुई घटना के वीडियो में दिख रहा है कि वकीलों के बीच घिरे आरोपियों को बाहर निकालने में पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए। सीओ प्रथम भीड़ को चीरकर अंदर जाते और एक-एक करके आरोपियों को वकीलों से छुड़ाकर बाहर लाते दिख रहे हैं। इस बीच उनकी वकीलों से तकरार भी हो रही है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, सचिव समेत कुछ अन्य वकीलों ने भी स्थिति से निपटने में पुलिस की मदद की, वरना बड़ी घटना हो जाती। अमर उजाला ब्यूरो
वकीलों पर हमले के चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। इनमें से तीन पर पहले से केस दर्ज हैं। कचहरी में इस तरह की घटना कर उन्होंने दुस्साहस किया है। उनके खिलाफ मजबूती से चार्जशीट लगाकर सख्त सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। - पंकज श्रीवास्तव, सीओ प्रथम
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर मौजूद विधायक व वक्ता।