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Bareilly News: साइबर ठगी और ब्लैकमेलिंग का आरोपी रिमांड पर, उगले कई राज

Thu, 15 Oct 2026 12:43 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। रंगदारी वसूलने, ब्लैकमेल करने और साइबर ठगी के आरोपी यूट्यूबर अमल सैनी के साथी शोएब ने पुलिस रिमांड के दौरान कई अहम राज उगले हैं। मामले में बदायूं निवासी एक आरोपी का नाम भी सामने आया है। साइबर ठगी के मामले में नाइजीरियाई गिरोह से इनके तार जुड़े होने के संकेत भी मिले हैं। शोएब की निशानदेही पर पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल बैंक पासबुक, दो डेबिट कार्ड और दो सिमकार्ड बरामद किए हैं। फिलहाल, अमल सैनी और दिल्ली निवासी गिरोह के दो अन्य सदस्य जेल में हैं।
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साइबर क्राइम सेल ने दो अक्तूबर को जंक्शन के पास से दिल्ली के नेहरू नगर आनंद पर्वत निवासी विशाल और पंजाबी बस्ती निकट नेपाली मंदिर निवासी सचिन को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से 27 बैंक पासबुक, चार मोबाइल फोन, 12 डेबिट कार्ड व अन्य दस्तावेज बरामद हुए थे। आरोपियों ने फर्जी बैंक खाते खुलवाकर लाखों रुपये के लेन-देन की बात स्वीकार की है। आरोपियों ने जेल में बंद अमल सैनी और शोएब को भी गिरोह में शामिल होना बताया।
एसपी क्राइम मनीष चंद्र सोनकर ने बताया कि शोएब को आठ घंटे की रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। उसने बताया कि दो अक्तूबर को उसने विशाल और सचिन को दिल्ली से बुलाकर खाते खुलवाए थे। साइबर ठगी के रुपयों के लिए खाता नंबर बदायूं के एक व्यक्ति को उपलब्ध कराया जाता था। नाइजीरिया के व्यक्ति से व्हाट्सएप चैट के जरिये बात की जाती थी। यूके बैंक के एक खाते से राजस्थान के व्यक्ति से 1.10 लाख रुपये ठगी का मामला भी पकड़ में आया है। शोएब ने बताया कि खाते खुलवाने के बाद डेबिट कार्ड, पासबुक आदि वह और अमल सैनी अपने पास रखते थे।
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खुद को पत्रकार बताकर वसूली करता था यूट्यूबर
यूट्यूबर अमल सैनी खुद को पत्रकार बताकर लोगों से रंगदारी वसूलता था। उसके गिरोह में शोएब समेत छह अन्य लोग भी हैं। 24 सितंबर को एक महिला ने पति के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एसएसपी कार्यालय के सामने आत्मदाह की कोशिश की थी। जांच में सामने आया कि अमल सैनी और शोएब ने महिला को ऐसा करने के लिए कहा था। महिला के ससुर से 50 हजार रुपये भी लिए थे। इसके बाद अमल और उसके साथी के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस और बाद में एडीएम प्रशासन के लिपिक से ब्लैकमेलिंग कर वसूली करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गईं। दो अक्तूबर को साइबर ठगी गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उसका नाम पर आया था।
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