सेंथल/रामनगर। बरेली-फरीदपुर को जोड़ने वाले अधूरे मूड़ा पुल की तरह सेंथल व रामनगर में रेलिंग विहीन पुलिया को लेकर बेपरवाही जारी है। इसके स्थायी समाधान न होने पर आए दिन लोग यहां गिरकर चोटिल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार सुनवाई नहीं कर हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
नहर की पुलिया हुई जर्जर, टूटी रेलिंग नहीं बदलवाई
सेंथल के टांडा सादात गांव के पास नहर की पुलिया जर्जर हो चुकी है। टूटी हुई रेलिंग नहीं बदलवाने से हादसे का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि अब कोहरा आना शुरू हो गया है। यह सड़क घुमाव वाली है। कभी भी यह पुलिया राहगीरों के लिए जानलेवा बन सकती है। यह पुलिया सेंथल- बरौर मार्ग पर टांडा सादात के करीब है। यह मार्ग दो दर्जन से अधिक गांव व नवाबगंज कस्बे के लिए संपर्क मार्ग के रूप में है। इसलिए इससे करीब दस हजार लोगों का गुजरना होता है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया से एक माह पूर्व चार लोग नीचे गिरकर घायल हो गए थे। संवाद
सड़क बनाई, रेलिंग बनाना भूले जिम्मेदार
रामनगर के आंवला-शाहबाद मार्ग पर मऊ चंदपुर के पास कुछ दिनों पहले पुलिया की सड़क तो बन गई, लेकिन यहां जिम्मेदार रेलिंग बनाना भूल गए। हादसों को देखते हुए लोगों ने रेलिंग बनवाने की मांग की है। पीडब्ल्यूडी ने इस मार्ग के लिए ठेका दिया था। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर कामरान ने बताया कि पुलिया की दीवार बन चुकी है। जल्द ही सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। संवाद
ग्रामीण क्षेत्र में अगर कहीं कोई पुल या पुलिया असुरक्षित है तो उसे अपने अभियंताओं की टीम से दिखवाएंगे और कहीं कोई खतरा है तो उसे दूर कराएंगे।
- राजीव कुमार अग्रवाल, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग
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