असम हाईवे पर शुक्रवार देर रात ढाई बजे हुए सड़क हादसे की गूंज शासन तक पहुंच गई। उसके बाद बरेली आरटीओ डॉ. अनिल गुप्ता और पीलीभीत एआरटीओ अमिताभ राय ने घटनास्थल पर पहुंचकर हादसे की वजह पता लगाने की कोशिश की। दोनों परिवहन अधिकारियों की जांच में प्रथम दृष्टया रोडवेज बस तेज स्पीड और गलत साइड में चलना पाया गया। रोडवेज बस के पाहिये के निशान दूसरी साइड में मिले हैं।
हालांकि बस चालक की मौत हो चुकी है। परिवहन अधिकारियों के अनुसार रोडवेज बस गलत साइड में होने से अचानक सामने से बोलेरो टकरा गई। यही भीषण हादसे की वजह माना जा रहा है। दूसरी ओर, बोलेरो या बस चालक में से किसी एक या फिर दोनों को नींद आने की भी जांच होगी, क्योंकि परिवहन अफसरों का मानना है कि इस वजह से भी इतना भीषण हादसा हो सकता है। प्रारंभिक जांच में स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सकी है। आरटीओ ने घायल यात्रियों से भी बातचीत कर हादसे की वजह जाने की कोशिश की।
वीभत्स घटना में प्रथम दृष्टया ड्राइवर ही दोषी
आरटीओ डॉ. अनिल गुप्ता के मुताबिक उन्होंने मौका पर जाकर निरीक्षण किया और प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी ली। जिसके मुताबिक घटना में अनुबंधित बस का ड्राइवर ही प्रथम दृष्टया दोषी मिला है। तकनीकी जांच के अनुसार सड़क पर गाड़ी के टायरों के निशान बता रहे हैं कि ड्राइवर ही गलत दिशा में गाड़ी चला रहा था। बोलेरो चालक सही दिशा से ही आ रहे थे। आशंका है कि उसे झपकी आई होगी जिसकी वजह से दिशा भ्रम होने से घटना घटित हुई है। मौके पर 11 लोगों की मौत की जानकारी मिली।