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Bareilly News: रुहेलखंड विश्वविद्यालय में एबीवीपी का प्रदर्शन, कुलपति के खिलाफ नारेबाजी, लगाए ये आरोप

Mon, 20 Apr 2026 01:21 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

रुहेलखंड विश्वविद्यालय में एबीवीपी ने परीक्षा और परिणाम संबंधी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने कुलपति प्रो. केपी सिंह के खिलाफ नारेबाजी की और प्रशासनिक भवन पर 'कुलपति लापता' का पोस्टर चिपकाया। एबीवीपी ने विश्वविद्यालय पर आर्थिक वसूली, को-करिकुलर विषयों में बैक और एकसमान अंक देने का आरोप लगाया। 
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विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने एबीवीपी ने किया प्रदर्शन। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बरेली के महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (एमजेपीआरयू) में परीक्षा और परिणाम संबंधी समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने कुलपति प्रो केपी सिंह के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए और प्रशासनिक भवन पर 'कुलपति लापता' का पोस्टर चिपका दिया। एबीवीपी का आरोप है कि विश्वविद्यालय की अव्यवस्थाओं के कारण छात्रों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

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प्रांत संगठन मंत्री आनंद कठेरिया ने छात्रों की समस्याओं का शीघ्र समाधान आवश्यक बताया। ज्ञापन लेने पहुंचे परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह ने समस्याओं का हल अपने पास न होने की बात कही, जिसके बाद एबीवीपी ने उन्हें ज्ञापन देने से इन्कार कर दिया। कुलसचिव हरीशचंद्र भी मौके पर पहुंचे। इस धरने में बदायूं और शाहजहांपुर से भी छात्र शामिल हुए। एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों से आर्थिक वसूली का आरोप लगाया। कई छात्रों को को-करिकुलर विषयों में बैक मिली है। अनेकों को एकसमान अंक दिए गए हैं, जिससे यह प्रक्रिया आर्थिक वसूली का माध्यम बन चुकी है, ऐसा एबीवीपी का मानना है।

छात्रों की प्रमुख शिकायतें
एबीवीपी के अनुसार, घोषित परिणामों में अधिकांश विद्यार्थियों को को-करिकुलर विषयों में बैक प्राप्त हुई है। कई छात्रों को एकसमान अंक दिए गए हैं, जिससे आर्थिक वसूली का संदेह है। परीक्षा फॉर्म भरते समय चुने गए विषयों में स्वतः परिवर्तन हो जाता है, जिससे छात्रों को गलत विषयों में परीक्षा देनी पड़ती है। बढ़ी हुई प्रोविजनल डिग्री एवं माइग्रेशन सर्टिफिकेट फीस पर पूर्व ज्ञापन के बावजूद विश्वविद्यालय ने संज्ञान नहीं लिया।

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अनुचित शुल्क और तकनीकी बाधाएं
ग्रेजुएशन स्तर पर एक सेमेस्टर की परीक्षा फीस 1500 रुपये है, जबकि दो-तीन विषयों में बैक पर 3000 रुपये तक शुल्क अनुचित है। परीक्षा फॉर्म भरते समय छात्रों को सर्वर धीमा चलना, फॉर्म स्वतः लॉक होना और वोकेशनल विषयों का स्वतः बदल जाना जैसी तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इससे विद्यार्थियों को कॉलेज एवं विश्वविद्यालय के बीच बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। जो छात्र ऐसा नहीं कर पाते, उन्हें गलत विषयों के साथ परीक्षा देनी पड़ती है और बाद में बैक का खामियाजा भुगतना पड़ता है।

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