मीरगंज/शीशगढ़। हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर में भगदड़ में आरुष की मौत के बाद उसका शव उसके गांव में लाया गया। इस दौरान गांव में सन्नाटा पसर गया। गमगीन माहौल में सोमवार को आरुष के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान हर आखें नम थीं।
शीशगढ़ के गांव सहोड़ा निवासी निर्मला देवी पत्नी प्रवेश यदुवंशी अपने बच्चों के साथ मायके पदपुरी से हरिद्वार गंगा स्नान करने 25 जुलाई को गई थी, जिसमें उनके मायके से भाई राजीव और उनकी पत्नी दीक्षा आदि थे। निर्मला देवी और बेटी सौम्या, बेटा आरुष उनके साथ मनसा देवी दर्शन के लिए लाइन में लगे हुए थे। तभी भगदड़ में आरुष की मौत हो गई। इसमें निर्मला देवी और बेटी सौम्या घायल हो गईं। इसमें निर्मला का एक पैर फ्रैक्चर हो गया है।
पोस्टमॉर्टम के बाद सोमवार सुबह जब आरुष का शव गांव पहुंचा तो परिजन यह देख विलाप करने लगे। मृतक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। घटना की जानकारी होने पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. डीसी वर्मा, संजय चौहान, रामप्रकाश गुप्ता, अरविंद गंगवार, मुन्नू गंगवार आदि पहुंचे और परिवार को धैर्य बंधाया।