बरेली। एजुकेशन सेंटर के बहाने चार महीने में बीए का प्रमाणपत्र बनाने के आरोपी नोएडा के रामचरन की गिरफ्तारी में बरेली पुलिस जुट गई है। उसकी तलाश में पुलिस की एक टीम नोएडा जाने वाली थी, पर कुछ डाटा जुटाने के लिए रुक गई है। मौके से मिले 21 अंकपत्रों और छह प्रमाणपत्रों की जांच के लिए पुलिस को नगालैंड और उत्तराखंड भी जाना है।
बारादरी पुलिस ने तीन दिन पहले पंजाब के संगरूर निवासी राहुल सिंह की ऑनलाइन शिकायत पर आनंद विहार निवासी प्रदीप गंगवार को गिरफ्तार किया था। प्रदीप ने 50 हजार रुपये लेकर चार महीने में महाराजा अग्रसेन गढ़वालियन, गढ़वाल संस्था का बीए का अंकपत्र बनाकर दे दिया था। प्रदीप को उसी दिन जेल भेजा गया था। उसने बताया था कि वह कौशल विकास योजना के तहत एजुकेशन सेंटर चलाता है। नोएडा निवासी रामचरन इस गिरोह का सरगना है। वह उसी के जरिए विभिन्न विश्वविद्यालयों में प्रवेश दिलाता एवं अंकपत्र उपलब्ध कराता है।
एएसपी शिवम आशुतोष ने बताया कि फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी रामचरन के अलावा भी कई लोगों की इस गिरोह में भूमिका हो सकती है। पुलिस पहले इनके बारे में डाटा जुटा रही है। इसके बाद नोएडा व अन्य संभावित जगह टीम को भेजा जाएगा। पुलिस जल्द ही इस तरह के और खुलासे करेगी। ब्यूरो