हत्या का कारण और वारदात का तरीका
कुलदीप ने पुलिस को बताया कि उसके पिता बाबू सिंह अक्सर घर से बाहर रहते थे और जमीन का कुछ हिस्सा बिना बताए बेच चुके थे। वह शेष जमीन को भी बेचना चाहते थे, जिससे कुलदीप नाराज था। दीपावली से पहले पिता के लापता होने के बाद 18 अक्तूबर को वे गांव के बाहर गन्ने के खेत में मिले। वहां पिता-बेटे के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद कुलदीप ने गुस्से में पिता का गला घोंटकर हत्या कर दी।
आत्महत्या दिखाने की कोशिश
हत्या करने के बाद कुलदीप ने इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। उसने पिता के गले में कपड़े का फंदा लगाकर शव को पेड़ से लटका दिया। जल्दबाजी में वह पिता के हाथ खोलना भूल गया, जो रस्सी से बंधे हुए थे। पुलिस ने इस मामले में गहन जांच के बाद ही सच्चाई का पता लगाया।