- 16 अक्तूबर से बंद है आवाजाही, दो किलोमीटर दूर बसें मिलने से यात्री परेशान, एआरएम ने पत्र भेजकर उठाई मांग संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदपुर। नगर के मुख्य मार्ग से बसें न गुजरने के कारण क्षेत्रवासी परेशान हैं। डिपो की बसें यात्रियों को बाइपास पर उतारकर चली जाती हैं, लेकिन किराया फरीदपुर रोडवेज बस अड्डे का वसूला जाता है। रुहेलखंड डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने उप्र परिवहन निगम को रविवार को पत्र लिखकर बसों को नगर के मुख्य मार्ग से गुजारने की मांग उठाई है।
मोहल्ला साहूकारा निवासी शालिनी अग्रवाल (55) की 16 अक्तूबर को डिपो की बस से कुचलने से मौत हो गई थी। वह श्याम सुंदर कन्या इंटर कॉलेज में छुट्टी के बाद लौट रही थीं। साहूकारा मोड़ पर सड़क पार करने के दौरान यह दुर्घटना हुई।
इसके बाद एआरएम ने नगर के अंदर से बसें गुजारने पर रोक लगा दी थी। रोक अबतक बहाल है। फरीदपुर बस अड्डे तक भी बसें नहीं जाती हैं। क्षेत्रवासी निजी वाहनों से सफर करने को मजबूर हैं। डिपो की बस से सफर करने के लिए दो किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
इसके बावजूद डिपो की बसों में किराया बस अड्डे से जोड़ा जाता है, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान होता है। शाहजहांपुर या बरेली की ओर से आ रहे यात्रियों को चालक-परिचालक दो किलोमीटर दूर ही उतार देते हैं। लोगों ने बसों को नगर में से गुजारने की गुहार लगाई।
इस बाबत बरेली कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने एआरएम को पत्र भेज चुके हैं। अब रुहेलखंड डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने डिपो के स्टेशन इंचार्ज, शाहजहांपुर डिपो सहित उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को बसें फरीदपुर में से होकर गुजारने के लिए पत्र भेजा है।