बरेली। बरेली कॉलेज में अगले सत्र से बीए के विद्यार्थियों को चार वर्षीय बीए ऑनर्स और बीए रिसर्च करने का अवसर मिलेगा। यह पाठ्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थियों को सीधा पीएचडी में प्रवेश का मौका भी मिलेगा। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में इस पर चर्चा हुई।
बैठक में राजनीतिक शास्त्र विषय से स्नातक पाठ्यक्रम को सातवें और आठवें सेमेस्टर तक बढ़ाने पर विचार किया गया। बरेली कॉलेज की राजनीति विज्ञान विषय की संयोजक प्रोफेसर मनमीत कौर ने बताया कि सातवें और आठवें सेमेस्टर के लिए पाठ्यक्रम निर्धारण की योजना बनाई गई है। यह नई शिक्षा नीति की आवश्यकताओं के अनुरूप होगा। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अकादमिक काउंसिल के समन्वयक प्रोफेसर शरद कुमार पांडेय ने कहा कि चार वर्षीय पाठ्यक्रम वर्ष 2023 से नई शिक्षा नीति में लागू हुआ है। हालांकि, यह अभी भी कई महाविद्यालयों में शुरू नहीं हुआ है।
बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक इसी के लिए आयोजित की गई थी। जो विद्यार्थी चार साल का बीए पूरा करेंगे, उन्हें बीए ऑनर्स की उपाधि मिलेगी। जिन छात्रों के चार वर्षीय बीए में 75 फीसदी अंक होंगे, उन्हें बीए रिसर्च के तहत सीधा पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश मिलेगा। विद्यार्थियों के पास ड्रॉप करने के बाद डिप्लोमा और सर्टिफिकेट प्राप्त करने का विकल्प भी होगा। एक वर्ष का बीए पूरा करने पर सर्टिफिकेट मिलेगा। दो वर्ष का कोर्स पूरा करने पर डिप्लोमा और तीन वर्ष का कोर्स पूरा करने पर डिग्री मिलेगी। चौथे वर्ष में विद्यार्थी ऑनर्स के रूप में एक विषय का चयन कर ऑनर्स की डिग्री प्राप्त कर सकते हैं।
यह चार वर्षीय कोर्स उन्हीं महाविद्यालयों में जारी होगा जिनमें परास्नातक कोर्स पहले से संचालित हैं। प्रोफेसर मनमीत कौर ने बताया कि यह बीए पाठ्यक्रमों के लिए पहली बैठक थी। इसी तरह अन्य विषयों जैसे भूगोल, संस्कृत, इतिहास और संगीत के लिए भी सातवें और आठवें सेमेस्टर का सिलेबस तैयार किया जाएगा।