बरेली। थाना प्रेमनगर के भूड़ इंद्रापुरम में छह दिन पहले शिक्षिका सावित्री सक्सेना की हत्या प्रापर्टी डीलर संजीव उर्फ संजू निवासी चाहबाई ने ही की थी। हत्या के लिए उसने एमबी इंटर कॉलेज के पास से कांता खरीदा था। संजीव के गले पर नाखूनों के निशान, मोबाइल कॉल डिटेल, सावित्री के मकान में सुबह चार बजे से उसकी मोबाइल की लोकेशन आदि सबूतों ने पुलिस के संदेह को पुख्ता कर दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार जब संजीव के सामने ये सबूत रखे तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस देरशाम उसे आला कत्ल बरामद करने कई जगह ले गई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सावित्री इंद्रपुरम स्थित अपना मकान बेचना चाहती थीं। छह महीने पहले संजीव उर्फ संजू ने उनके मकान का सौदा कराकर एक लाख रुपये एडवांस दिलवा दिए थे। बाद में सावित्री ने मकान बेचने का इरादा बदल दिया और एडवांस वापस कर दिया। सावित्री संजू पर भरोसा करती थीं। इसी का फायदा उठाकर उसने सावित्री से ढाई लाख रुपये ले लिए थे। घटना के दिन संजू सावित्री को कर्मचारी नगर में घुमाता रहा और शाम को यह कहकर छोड़ गया कि वह उनके ढाई लाख रुपये सुबह चार बजे लेकर घर पर आएगा। संजू सावित्री के कड़क मिजाज को जानता था। उसे डर था कि उसने रुपये नहीं लौटाए तो वह पुलिस के पास चली जाएंगी। शाम को ही सावित्री ने उसे चेताया भी था कि रुपये नहीं मिले तो वह पुलिस में शिकायत कर देगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार संजू बृहस्पतिवार की तड़के सावित्री के घर पहुंचा और आवाज देकर दरवाजा खुलवाया। घर में घुसने के बाद संजू ने अंदर वाले कमरे में कांता से हमला कर सावित्री को मार डाला और घर चला गया। हत्या के बाद संजू ने चाहबई निवासी एएनएम के बेटे रमन और रोहित को फंसाने के लिए सुबह सवेरे ही सावित्री के मोबाइल से फोन किया। उन्हें फंसाने की वजह यह थी कि एएनएम से भी संजू ने रिटायर होने पर एक लाख रुपये प्रापर्टी में लगाने के लिए ले लिए थे। रुपये न लौटाने पर उनका संजू से विवाद भी हुआ था। जिस कांते से संजू ने हत्या की, वह उसने सावित्री के घर के पास नाले में फेंक दिया था। पुलिस ने आला कत्ल की तलाश शुरू कर दी है। मंगलवार को सवेरे नाले में कांते की तलाश कराई जाएगी।
नाखून के निशान और कॉल डिटेल ने खोली पोल
चाहबई का प्रॉपर्टी डीलर संजीव उर्फ संजू ने बीएससी इंजीनियरिंग की डिग्री ली है। उसने सावित्री की हत्या के लिए पूरी योजना बना रखी थी। पांच दिन से वह पुलिस को गुमराह करता रहा लेकिन पुलिस को उसके अलावा किसी और पर शक भी नहीं था। घटना के दिन उस पर शक की सबसे अहम बात यह थी कि सावित्री का बेहद करीबी होने के बाद उनकी हत्या के बाद वह घर क्यों नहीं आया। पुलिस उसे पकड़कर लाई तो गले पर खरोंच के निशान थे। पूछताछ में वह इन निशानों को ब्लेड से कटने की बात करता रहा। लेकिन खरोंच देखकर यह साफ लग रहा था कि नखूनों के निशान है। कॉल डिटेल ने पुलिस को और मजबूती दी। संजीव के मोबाइल की लोकेशन उसके हत्यारोपी होने की गवाह बनी है।
यह था मामला
बुधवार रात प्रेमनगर के भूड़ इंद्रापुरम में रहने वाली सावित्री सक्सेना की कांता मारकर हत्या कर दी गई थी। वजीरगंज (बदायूं) के कस्बा बगरैन की मूल निवासी सावित्री उत्तराखंड के सितारगंज के एक प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाती थीं। बृहस्पतिवार को उनकी खून से लथपथ लाश घर के अंदर कमरे में मिली थी। बड़े भाई रामप्रकाश ने अज्ञात लोगों पर हत्या की रिपोर्ट लिखाई थी।