बरेली। पूरा आषाढ़ ही मानसून के इंतजार में बीत गया और अब सावन भी बगैर बारिश के आ गया है। सावन में बादलों के बरसने की दुआ की जा रही है। बगैर भीगे सावन का आनंद भी नहीं है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि चिंता की कोई बात नहीं है बारिश होगी लेकिन अभी तीन-चार दिन इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने 17-18 जुलाई को बारिश होने की संभावना जताई है।
आषाढ़ मेें अमूमन बारिश हो जाती है लेकिन वर्षों बाद ऐसा हुआ कि पूरा आषाढ़ पानी बरसने की उम्मीदों में बीत गया। उम्मीद थी कि सावन की आमद पर बादल अपना रंग दिखा सकते हैं। रविवार को बादलों ने बहुत जोर लगाया लेकिन हवाओं के रुख ने एक बूंद भी न पड़ने दी। पंतनगर स्थित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में मौसम विज्ञानी डॉ. एचएस कुशवाहा का कहना है कि दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के रुख में नरमी की वजह से बादल उमड़कर चले जा रहे हैं लेकिन हवाओं का प्रवाह गुरुवार और शुक्रवार को तेज होने के आसार हैं। ऐसे में 17 और 18 जुलाई को बारिश संभावित है। बरसों बाद रविवार को बैगर रिमझिम सावन शुरू हो गया है। हालांकि दिल्ली में बारिश के चलते रविवार को बरेली का मौसम थोड़ा नरम रहा लेकिन उमस बनी रही।
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पारा लुढ़का, उमस बरकरार
रविवार को पारा .04 डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया। मौसम विभाग ने अधिकतम पारा 33.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.00 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो शनिवार को क्रमश: 34.2 और 25.00 डिग्री सेल्सियस था। हालांकि उमस बरकरार रही।