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10 लाख लगाई थी लड़की की इज्जत की कीमत !

Sat, 20 Jul 2013 05:33 AM IST
Bareilly
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बरेली। बलात्कार पीड़ित ही नहीं उसका पूरा परिवार एक अजीब मानसिक पीड़ा और द्वंद्व से गुजरता है। सबसे अहम सवाल लड़की के भावी जीवन को लेकर होता है और अक्सर कई लोग अपने जख्म छिपाने में ही खैरियर समझते हैं। गंगाशील अस्पताल बलात्कार कांड में लड़की की मां जो कहानी बता रही है वह संवेदनाओं को झकझोर देने वाली है। उनका कहना है कि हादसे के अगले दिन डॉ. निशांत ने उन्हें और उनके पति को मिला कर गरीब लड़की की इज्जत की कीमत 10 लाख रुपये लगाई थी। इसके साथ ही उसे नर्सिंग का काम सिखाने और शादी करवाने के लिए भी कहा था। अपने गुस्से पर काबू कर उन्होंने अपनी पहली शर्त रखी कि सबसे पहले दोषियों को अस्पताल से निकालो तब आगे बात होगी।
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मां ने बताया कि डॉक्टर से मुलाकात से पहले डॉ. शालिनी ने उनसे कहा कि डॉ. निशांत जो भी कहें उनकी बात जरूर मानना। वहां पर डॉ. निशांत, मनीष, संजय बैठे हुए थे। उन्होंने मुझसे कहा, तुम इस बात को किसी से न कहना। अस्पताल में अभी किसी को भी पता नहीं चला है। तुम्हारी लड़की की शादी होनी है। मैं लड़की का इलाज कराऊंगा, नौकरी दूंगा, शादी करूंगा और तुम्हें दस लाख रुपये दूंगा। लेकिन, सारी ही बातों को सुनने के बाद मैंने इंकार कर दिया। कहा, मुझे कुछ नहीं चाहिए, बस उसे गिरफ्तार करवाओ और अस्पताल से बाहर करो। मैं चाहती थी कि इस घटना के बाद अब अस्पताल में ऐसा कुछ भी नहीं होना चाहिए। सुबह साढ़े दस बजे मुझसे बातचीत के बाद दोपहर दो बजे मैंने देखा कि वह दोषी वहीं पर काम कर रहा है। इसके बाद मैंने मनीष से कहा कि वह तो यहीं पर काम कर रहा है। इसके बाद मनीष ने मुझसे कहा, शोर मत मचाओ, नहीं तो पूरे परिवार को तबाह कर दूंगा। इसके बाद मैं तुरंत वहां से भागी और काउंटर से अपनी बेटी की फाइल मांगी। फाइल देने से मना किया गया तो मैंने कहा कि डॉ. शालिनी मैडम ने कहा कि उसकी फाइल मुझे दो। इसके बाद उन्होंने मुझे फाइल दी। मैं फाइल लेकर झट से वहां से भागी। घर पहुंची तो देखा कि उसमें अल्ट्रासाउंड और अस्पताल में घटना के बाद के उसके इलाज की रिपोर्ट ही नहीं दी थी। इन लोगों ने जानबूझकर रिपोर्ट फाइल में लगाई।
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