बरेली। एनएसए लगाने के मामले में जिले के प्रशासन और पुलिस की लगातार किरकिरी हो रही है। शासन के एडवाइजरी बोर्ड ने एक और सिफारिश को निरस्त कर दिया है। यह लगातार छठा मामला है, जिसमें पुलिस को मात खानी पड़ी है। पिछले कुछ वक्त में जिले से सात लोगों पर एनएसए लगाने की सिफारिश एडवाइजरी बोर्ड को भेजी गई थी, जिसमें सिर्फ एक को ही मंजूरी दी गई।
ताजा मामला कुंवरपुर इलाके में रहने वाले मदन का है, जिस पर एक आपराधिक मामले में पुलिस ने एनएसए लगाने की सिफारिश की थी, जिसे डीएम ने अनुमोदन कर एडवाइजरी बोर्ड को भेज दिया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडवाइजरी बोर्ड ने इसे निरस्त कर दिया। बोर्ड का इस आशय का पत्र शुक्रवार को यहां पहुंच गया। बता दें कि पिछले सात मामलों में से जिस एक मामले में एडवाइजरी बोर्ड ने एनएसए की सिफारिश को मंजूर किया है, वह आंवला तहसील के सिरौली कस्बे में एक युवती पर तेजाब फेंकने के आरोपी आसिफ के खिलाफ की गई थी। माना जा रहा है कि पुलिस ने बगैर पर्याप्त तैयारी के ही सिफारिशें की थीं। यही वजह रही कि आरोपियों पर विभिन्न थानों में संगीन मुकदमे दर्ज होने के बाद उनके खिलाफ एनएसए की सिफारिश को नामंजूर कर दिया गया।
एनएसए की रद्द की गई सिफारिशें
अब तक छह आरोपियों के खिलाफ एनएसए की सिफारिश को एडवाइजरी बोर्ड ने निरस्त किया है। मदन के मामले से पहले बांसमंडी के रहने वाले जाकिर के बेटे खालिद, सिकलापुर के लालता प्रसाद के बेटे राजेंद्र उर्फ चिरकुंडा, मलूकपुर के इसरार के बेटे इंतजार, सिरौली के मेंहदी के बेटे इस्माइल और कुंवरपुर के सरदार वली के बेटे अच्छन अंसारी इनमें शामिल हैं।