वकीलों के विरोध के बाद रद्द किया गया प्रस्ताव
सिटी रिपोर्टर
बरेली। वकीलों का बार एसोसिएशन में जमा होने वाला शुल्क अब पहले की ही तरह 10 रुपये प्रतिमाह जमा होगा। 10 रुपये से बढ़ाकर पचास रुपये मासिक शुल्क करने के लिए कल आठ मई को बुलाई गई आम सभा भी निरस्त कर दी गई है।
28 फरवरी 2012 को प्रबंध कार्यकारिणी की मीटिंग में बार एसोसिएशन में जमा होने वाले चंदे को प्रबंध कार्यकारिणी ने 10 से पचास रुपये प्रति माह कर दिया था। बार के संविधान के अनुसार इस बढ़े हुए शुल्क को लागू करने के लिए बार की आम सभा से मंजूरी लेना जरूरी है। इसीलिए कल आठ मई को बार की आम सभा की बैठक बुलाई गई थी। इससे पहले ही प्रबंध कार्यकारिणी के 11 सदस्यों ने शुल्क बढ़ाने का विरोध किया। साथ ही ऐसा एक पत्र जिस पर करीब एक सौ पचास अधिवक्ताओं के दस्तखत हैं, सचिव बरेली बार को सात मई को सौंप कर शुल्क की रकम बढ़ाने की मुखालफत की गई। खास बात यह है कि जिन प्रबंध कार्यकारिणी के कुल 19 (प्रधान और सचिव को छोड़कर) में से 11 सदस्यों के दस्तखत इस पत्र पर हैं, उनमें से दो को छोड़कर बाकी के नौ सदस्य 28 फरवरी को बार एसोसिएशन की उस मीटिंग में भी शामिल थे जिसमें शुल्क 10 से पचास रुपये बढ़ाने का प्रस्ताव पास हुआ था। इन सभी लोगों ने सचिव बरेली बार से हस्तक्षेप करने की मांग यह कहकर की कि बार की आय अन्य स्रोतों से भी है, इसलिए वकीलों पर बढ़े हुए शुल्क का भार न डाला जाय। बार सचिव अमर भारती के अनुसार सदस्यों की भावना के अनुसार ही मैं इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए आठ मई को बुलाई गई आम सभा को निरस्त करता हूं। वकील न्यायालय में रोज की भांति ही न्यायिक कार्य करेंगे।