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चुनाव के साथ जातिगत गणना को लेकर छूूट रहे पसीने

Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
Bareilly
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जून में संभावित हैं नगर निकायों के चुनाव
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सिटी रिपोर्टर
बरेली। आगामी जून माह में नगर निकायों के चुनाव के साथ साथ सामाजिक व आर्थिक जनगणना को लेकर अधिकारियों व कर्मचारियों के पसीने अभी से ही छूट रहे है। नाम न छापने की शर्त पर ज्यादातर अधिकारियों का कहना है कि जून माह की जबरदस्त गर्मी में नगर निकाय चुनाव व सामाजिक-आर्थिक जनगणना कराना आसान काम नहंी है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार के निर्देश पर आगामी जून माह में सामाजिक, आर्थिक एवं जातिगत गणना का काम शुरू किया जा रहा है। पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव के चलते यह कार्य टाल दिया गया था। लेकिन अब पहली जून से सामाजिक आर्थिक जनगणना करायी जा रही है। उल्लेखनीय पहलू यह है कि आगामी जून माह में ही नगर निकायों के चुनाव भी संभावित है। नगर निकाय चुनाव व सामाजिक आर्थिक जनगणना दोनों ही महत्वपूर्ण कार्य है। लेकिन दोनों कार्य एक साथ कैसे कराए जाएं? इसे लेकर अधिकारियों के पसीने अभी से ही छूट रहे हैं।
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ज्ञात हो कि सामाजिक और आर्थिक गणना के साथ ही इस बार जातिगत गणना भी कराई जाएगी। अधिकारियाें की मानें तो यह कार्य भी ठीक सामान्य जनगणना की तरह ही महत्वपूर्ण है। जिसके लिए हजारों सरकारी कर्मचारियों को लगना पड़ेगा। इसके साथ ही तमाम अधिकारियों को भी निगरानी की जिम्मेदारी संभालनी होगी। शासन की व्यवस्था के अनुसार गणना का काम पहली जून से शुरू होकर कार्य पूरा होने तक लगातार चलेगा।
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इसी बीच शासन व राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी है। ऐसे में अधिकारियों को समझ में नहंी आ रहा है कि नगर निकाय चुनाव के साथ साथ प्रगणकों को घर - घर भेज कर गणना का कार्य कैसे कराया जा सकेगा। संभावना इस बात की भी बन रही है कि सामाजिक आर्थिक गणना का काम एक बार फिर आगे बढ़ा दिया जाए। अलबत्ता अधिकारी इस मामले में शासन की मर्जी से अधिक कुछ बोलने को तैयार नहीं।
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