पीलीभीत के लिए भी...,
फ्लैग: फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस बनवाने का मामला
बरेली। पीलीभीत के लोगों के बरेली के फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस बनवाने के मामले में एएसपी सुधीर कुमार सिंह अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं। उन्हें नौ लोगों के शस्त्र लाइसेंस की फाइलों का रिकार्ड मिल गया है। बाकी छह लोगों की फाइलों का रिकार्ड उन्होंने मांगा है। पता लगाया जा रहा है कि असलाह दफ्तर में किसकी सेटिंग से लाइसेंस जारी हुए। डीआईजी आरकेएस राठौर ने शनिवार को एएसपी को फोन करके जल्द जांच निपटाने के निर्देश दिए हैं।
डीआईजी के आदेश पर एएसपी पीलीभीत ने फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस बनवाने के मामले की जांच को अंतिम रूप देने के लिए नौ लोगों का रिकार्ड मंगा लिया है। रिकार्ड में लगाए गए शपथ पत्रों और आवेदन पत्रों की जांच की जा रही है। अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि चार लोगों के शस्त्र लाइसेंस थाना बिथरीचैनपुर के परसौना गांव के बने हैं। इनके पते की तस्दीक कराई जा रही है। कई लोगों के बारे में यह पता लगा है कि उन्होंने अपनी रिश्तेदारियों के घर का पता लिखा है। जिन लोगों ने बरेली के पते पर शस्त्र लाइसेंस बनवाए हैं और अपना मूल पता भी अंकित किया है, उनके कार्रवाई से बचने की उम्मीद लग रही है। पुलिस का तर्क यह है कि तमाम लोगों ने दूसरे प्रदेशों से भी शस्त्र लाइसेंस बनवा रखे हैं। जहां व्यक्ति रहता है, वहां से शस्त्र लाइसेंस बन सकता है, लेकिन उसमें अपना मूल पता अंकित होना चाहिए। आपराधिक इतिहास न होे पर किसी को भी कहीं से शस्त्र लाइसेंस जारी हो सकता है।
इन लोगों के लाइसेंस जांच के घेरे में
बीसलपुर के गांव मीरपुर वाहनपुर के इरशाद खां, आबिद हुसैन, सद्दीक अहमद, सिद्दीक, साबिर हुसैन, महादेवा गांव बुंदा खां और परवेज खां, बीसलपुर के ही अभयपुर चेना नकटी गांव के रहीसुद्दीन खां, जलालुद्दीन खां, अताउल्ला खां, मसीयर खां, मुन्ने खां, मुंशी खां, नवी शेर और रसायाखानपुर गांव के मैसर हुसैन के शस्त्र लाइसेंस के बारे में डिटेल ले ली है। सपा के बीसलपुर विधानसभा क्षेत्र के महासचिव इरशाद खान ने डीआईजी से इसकी शिकायत की थी।