बरेली। संघ लोक सेवा आयोग की संयुक्त रक्षा सेवा (सीडीएस) परीक्षा में लापरवाही बरती गई। पहली शिफ्ट में प्रश्न पत्र के साथ गए मजिस्ट्रेटों को बिना सुरक्षा बलों के भेज दिया गया। हालांकि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई लेकिन मजिस्ट्रेटों के आपत्ति जताने पर दूसरी शिफ्ट से उनके साथ पुलिस बल भेजा गया। उधर, नौ केंद्रों में हुई सीडीएस की परीक्षा में औसतन 48 फीसदी परीक्षार्थी उपस्थित हुए। दो पालियों में हुई कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा में करीब 38 फीसदी अभ्यर्थी बैठे।
रविवार को कर्मचारी चयन आयोग की प्रथम स्तरीय परीक्षा और संघ लोक सेवा आयोग की सैन्य अधिकारियों के लिए सीडीएस की परीक्षा थी। सीडीएस परीक्षा के केंद्रों पर पहली पाली में प्रश्नपत्र के साथ गए मजिस्ट्रेटों को पुलिस बल नहीं मुहैया कराया गया। मजिस्ट्रेटों ने इसकी शिकायत कमिश्नर कार्यालय में की। वहां से पुलिस अधिकारियों को मजिस्ट्रेटों को पुलिस बल मुहैया कराने के निर्देश दिए गए। इसके बाद फोर्स भेजी गई। नौ केंद्रों पर हुई सीडीएस परीक्षा में पहली पारी में 4460 में 2024, दूसरी पाली में 4440 में 2024 और तीसरी पाली में 2580 अभ्यर्थियों में से 1257 ने परीक्षा दी।
उधर, 14 केंद्रों पर कर्मचारी चयन आयोग की टीयर वन श्रेणी की परीक्षा हुई। इसमें कुल 10980 परीक्षर्थियों को बैठना था लेकिन करीब 4170 परीक्षार्थियों ने ही परीक्षा दी। दूसरी पाली में यह संख्या और कम हो गई। माना जा रहा है कि एक ही दिन दो परीक्षा होने के कारण दोनों परीक्षाओं में परीक्षार्थियों की संख्या कम रही। दोनों परीक्षाओं के लिए केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेटों के साथ मोबाइल मजिस्ट्रेट भी लगाए गए थे। प्रश्नपत्रों को डबल लाक से एडीएम वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार और एडीएम सिटी आरपी सिंह की मौजूदगी में निकाला गया।
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कमिश्नरी से सूचना प्राप्त होने पर पहली पाली में पुलिस बल की मौजूदगी चेक कराई गई थी। हर स्थान से रिपोर्ट ओके मिली थी। अगर मजिस्ट्रेटों ने आपत्ति दर्ज कराई है तो इसे चेक किया जाएगा और लापरवाही पर कार्रवाई होगी। -राजीव मल्होत्रा, एसपी सिटी