बरेली। मनरेगा के हिसाब-किताब की जांच करने के लिए सीबीआई कभी भी बरेली आ सकती है। पिछले दिनों कुशीनगर में सीबीआई के छापे के बाद यहां भी अफसर सतर्क हो गए हैं। जिले में मनरेगा का रिकार्ड जुटाने का काम तेज कर दिया गया है। जिन 361 गांव से रिकार्ड अभी तक नहीं आ पाया है उन गांवों से खंड विकास अधिकारियों को जल्द से जल्द रिकॉर्ड जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई पूरे प्रदेश में मनरेगा की जांच कर रही है। शासन ने हर गांव का वित्तीय वर्ष 2009-10, 11-12 और 12-13 में हुए मनरेगा के कार्यों का रिकार्ड तलब किया था ताकि यह रिकॉर्ड सीबीआई को जांच के लिए दिया जा सके। शासन ने जिला स्तर पर उपलब्ध रिकार्ड सील कराने के आदेश भी दिए थे लेकिन गांव से रिकार्ड उपलब्ध कराने में आनाकानी की गई। जैसे-तैसे अफसरों ने कई गांव से रिकार्ड मंगाया लेकिन 361 गांवों ने अभी तक रिकार्ड नहीं दिया है। इस रिकार्ड को लेकर सीबीआई के जल्द आने की संभावना से अफसरों की चिंता बढ़ गई है। कुशीनगर में जांच के बाद सीबीआई के कभी भी बरेली आ धमकने की चर्चा अफसरों की जुबान पर भी है। इसीलिए सीबीआई के आने तक सारी व्यवस्था दुरुस्त करने की कवायद हो रही हैष